अब उद्धव ठाकरे मोदी शाह के कर्ज तले तबे, शिवसेना ने जमकर की दोनों की तारीफ़

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शिवसेना और बीजेपी के बीच में जब से फूट पड़ी है तब से दोनों के रास्ते पूरी तरह से न सिर्फ अलग हो गये है बल्कि दोनों ही एक दुसरे के काफी हद तक खिलाफ भी हो चले है लेकिन कही न कही जो इतना वक्त साथ में रहे है तो आपसी प्यार बाहर आ ही जाता है जैसे कि हाल ही में उद्धव ठाकरे का शिवसेना का मोदी और शाह के लिए प्यार निकल आया जिसे वो छुपा भी न सके.

अभी हाल ही के शिवसेना एके मुखपत्र सामना में इसके बारे में काफी हद तक जिक्र देखने को मिला है. सामना में शिवसेना ने लिखा कि अब हमारा जो गठबंधन कांग्रेस और एनसीपी के साथ है वो पूरी तरह से आत्मनिर्भर है. राज्य की सरकार के काम में बड़ी बाधा आयी लेकिन इसके बावजूद उद्धव ठाकरे विधान परिषद् के निर्विरोध सदस्य निर्वाचित हो गये.

कुछ लोग है जो इस बात की उम्मीद लगाकर के बैठे थे कि ठाकरे इस्तीफा दे देंगे और फिर हम शपथ लेंगे. मगर मोदी और अमित शाह ने ऐसा कुछ भी होने की अनुमति ही नही दी. मुख्यमंत्री को ही सदस्य न बनने देना एक अच्छी रणनीति हो सकती थी लेकिन जब राज्य में हालात ऐसे हो तब एक चीज तो समझ में आती ही है और वो ये है कि अभी हालत ठीक नही है और ऐसे में ये सब करना ठीक नही होता.

मोदी और शाह ने ऐसे वक्त में जो शान्ति का टीका लगाया है वो काम कर रहा है. अब उद्धव इनकी इतनी तारीफ़ इस वजह से कर रहे है क्योंकि ये चुनाव स्थगित हो गये थे और अगर ये चुनाव न होते तो उद्धव को विधान सभा की सदस्यता न मिलती और उनको सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ता मगर ऐसा हुआ नही जब ठाकरे ने मोदी को फोन किया तो चुनाव नियत समय पर ही हो गये.