मोदी की कूटनीति से चीन हुआ पस्त, इतने दिनों से लद्दाख में अकड़ दिखाने के बाद दिया ये बयान

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इन दिनों में लद्दाख के बॉर्डर पर जो भी कारस्तानी चीन के द्वारा की गयी है वो तो हम सबने देखी ही है और काफी अच्छे तरीके से देखी है. लद्दाख बॉर्डर के अन्दर घुस आने के बाद में चीनी सेना ने गलत तरीके से अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की जिस पर भारतीय सेना के साथ उनका गतिरोध हुआ और कही न कही दोनों तरफ से इतनी ज्यादा बाते हुई कि युद्ध की बाते होने लगी.

चीन को लगा कि भारत हमारी नयी टेक्नोलॉजी के आगे घुटने टेक देगा लेकिन ऐसा हुआ नही. भारत ने बड़ी ही भारी संख्या में लद्दाख में अपनी फ़ोर्स को तैनात कर दिया जो किसी भी समय चीनी सैनिको को वहाँ से खदेड़ने की हिम्मत रखते है.ऐसे में भारत का गतिरोध देखकर के चीन को भी काफी तगड़ा झटका लगा है और उसने हड्काने वाली भाषा छोड़कर सॉफ्ट भाषा पकड़ ली है.

चीन के ही राजदूत और विदेश मंत्रलाय के द्वारा कहा गया है कि भारत और चीन के बीच में किसी भी तरह का कोई भी सीमा का विवाद नही है. हाथी और ड्रेगन तो एक साथ में डांस कर सकते है. भारत और चीन के बीच में जो भी दिक्कत है उसे हम लोग बातचीत के जरिये सुलझा सकते है और बातचीत करने के लिए हमारे पास में सुगम संसाधन और अच्छा माहौल भी है. चीन के द्वारा दिए गये इस बयान से ही पता चल जाता है कि कही न कही वो अब भारत से घबरा गया है और पीछे हटने की सोच रहा है.

वैसे चीन की इस उद्दंडता के पीछे का सबसे बड़ा कारण है भारत का एक हाई फाई सड़क का निर्माण जो वो लद्दाख के बॉर्डर के पास में कर रहा है जिससे इंडियन आर्मी की पकड़ बॉर्डर पर पहले की तुलना में काफी मजबूत हो जाएगी.