कुर्सी छिनने के बाद अब आपस में भिड गये कमलनाथ और दिग्विजय सिंह, जानिये पूरा मामला

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कुछ वक्त के लिए सत्ता का आनंद लेने के बाद में कांग्रेस पार्टी मध्य प्रदेश में सत्ता से बाहर हो गयी. इतने वक्त तक कमलनाथ के हाथ में सारी कमान थी लेकिन जब से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपना सपोर्ट खींचा है तब से सिर्फ सत्ता ही नही गयी है बल्कि पूरे एमपी कांग्रेस का संगठन भी लडखडा सा गया है जिसकी झलक हमें इन दिनों दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच में चल रही खींचतान में नजर आ रही है.

दरअसल अब मामला चल रहा है कि आखिर नेता प्रतिपक्ष किसको बनाया जाए? इसी को लेकर के दोनों ही गुटों में काफी ज्यादा टकराव हो रहा है और जबरदस्त लेवल पर हो रहा है. कमलनाथ चाह रहे है कि पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन नेता प्रतिपक्ष बने लेकिन दिग्विजय सिंह इस बात के पक्ष में नही है.

उनका कहना है कि वरिष्ठ नेता गोविन्द सिंह को नेता प्रतिपक्ष होना चाहिए वो इस काम को बेहतर तरीके से कर सकते है. अन्दर की खबरे बताती है कि इसे लेकर के दो गुट बन गये है और कई लोग इसमें उलझे हुए है. ये बात और ये गुटबाजी अभी की नही बल्कि काफी पहले की है. जब सिंधिया और कई विधायक कांग्रेस छोड़ रहे थे तब उनको मनाने का जिम्मा भी दिग्गी राजा को मिला था. वो अंत समय तक कहते रहे कि कुछ नही होगा सब आ जाएंगे लेकिन आखिर में वो गलत साबित हुए जिसने कमलनाथ और हाईकमान दोनों का ही भरोसा तोड़ दिया.

कमलनाथ ने एक अनौपचारिक बातचीत में ये बाते कही भी थी लेकिन जब बाते फिसलती दिखी तो उन्होंने खुद इसका खंडन कर दिया ताकि पार्टी में कही गुटबाजी न बढ़ जाए. लेकिन कमलनाथ इस तरह के पतन को रोक कर भी कहाँ तक रोक सकेंगे? जिस तरह की स्थितियां बनी है ऊसमे तो कुछ बचना मूश्किल ही नजर आता है.