चीन में मच गयी खलबली, मोदी सरकार का अब तक का सबसे बड़ा फैसला

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भारत और चीन दोनों ही देशो के बीच बीते कुछ वक्त में रिश्ते खराब हुए है और जाहिर तौर पर अगर एक देश लालच पर लालच दर्शायेगा और दुसरे को दबाने का प्रयास करेगा या फिर अनुचित फायदा उठाने की कोशिश करेगा तो ऐसा तो होना ही है. अभी की बात अगर हम करे तो चीन के खिलाफ कई सारे फैसले है जो मोदी सरकार ने ले लिए है जैसे कॉन्ट्रैक्ट्स रद्द करना हो या फिर सीमा पर सटीकता के साथ में जवाब देना हो, हर मोर्चे पर हम मजबूत रहे है.

इन सब के बीच में एक और खबर आयी है जो शायद आपके लिए भी जाननी जरूरी है. ऐसा क्या हुआ है? चलिए हम आपको बताते है. दरअसल मोदी सरकार एक नया नियम लेकर के आयी है जिसके अनुसार अब विक्रेता जो इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान बेच रहा है उसे प्रोडक्ट किस देश से है इस बात की जानकारी देनी होगी.

अब तक ये चीज लिखी होती न होती या फिर छोटी सी कोने में लिखी होती तो चल जाता था लेकिन अब ऐसा नही होगा. अब विक्रेता को प्रॉपर तरीके से बताना होगा कि उस प्रोडक्ट की मेनुफेक्चरिंग किस देश में और किस कम्पनी में हुई है? ऐसा होने पर ही कही न कही ये पूरी की पूरी जानकारी लोगो के पास में होनी चाहिए और बस यही देने के लिए अब सेलरो को बाध्य कर दिया गया है.

इससे चीन गडबडी करके अब अपने प्रोडक्ट छुप छुपाकर के बेच नही सकेगा क्योंकि सारा काम बिलकुल पारदर्शी तरीके से होगा और अगर कोई भारतीय सिर्फ स्वदेशी या किसी और देश का प्रोडक्ट भी खरीदना चाहता है तो उसके पास में सारी की सारी जानकारी सारी इनफार्मेशन होगी जिससे कि वो अपनी मर्जी के अनुसार निर्णय ले सके. इससे चीन को काफी ज्यादा नुकसान होने की संभावना मानी जा रही है.