इंटरव्यू में पूछा गया सवाल ‘जज नेता को सजा देने से नही डरते, पर पुलिस घबराती है, क्यों?’ जानिये जवाब

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कई बार इंटरव्यू में कुछ एक सवाल होते है जो अपने आप में बड़े ही ट्रिकी होते है और वो दिलो दिमाग से काफी ऊपर के होते है. मगर ये सवाल होते तो लोगो के दिल के करीब ही है और अपने आप में सब लोगो को काफी ज्यादा दिलो दिमाग से हिला देने वाले है. एक बार ऐसा ही सवाल सिविल सर्विसेज के एक इंटरव्यू में पूछा गया जो अपने आप में काफी ज्यादा पेचीदा था और वो सवाल था कि एक जज सरकार या नेता से नही डरता है लेकिन पुलिस उससे डर जाती है, ऐसा क्यों है?

आपने भी देखा होगा कि पुलिस किसी भी नेता को या मिनिस्टर को पकड़ने से या फिर उसके खिलाफ जांच करने से घबराती है मगर कभी भी जज के सामने कोई नेता या फिर मिनिस्टर हो तो गलती पाने पर वो उसको सजा दे देता है. ऐसा क्यों? जबकि दोनों ही अपने अपने लेवल के ऑफिसर है.

तो इसका जवाब ये है कि जज एक इंडिपेंडेंट बॉडी के तहत काम करता है. जज की पोस्टिंग से लेकर जज के ट्रांसफर और सस्पेंड होना सब कुछ उपरी कोर्ट के हाथ में होता है और अंत में सुप्रीम कोर्ट ही अंतिम निर्णय देता है जबकि पुलिस के केस में कोई भी स्वतंत्र बॉडी नही होती है. पुलिस अधिकारी की पोस्टिंग से लेकर सस्पेंसन और ट्रांसफर सब कुछ सरकार में होता है.

ऐसे में अगर सरकार और पुलिस बल के बीच में विरोधाभास पैदा होता है तो सरकार उनकी पदोन्नति को बाधित कर सकती है, ट्रांसफर गलत जगहों पर कर सकती है और उन्हें तरह तरह से बाधित कर सकती है जो पुलिस अधिकारी नही चाहेंगे और यही वो कारण है जिसके चलते हुए जज स्वतंत्र होते है जबकि पुलिस हमेशा राजनीतिक दबाव में काम करती है और शायद हमेशा आगे भी करती ही रहने वाली है.