IAS अफसर बनकर अपनी सभ्यता और संस्कृति को नही छोड़ा, निभाती है हर परम्परा

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आज के मॉडर्न समय में महिला सशक्तिकरण की परिभाषा कुछ ऐसी हो गयी है जिसमे कही न कही महिलाओं को सभ्यता और संस्कृति छोड़ने की सलाह दी जाती है. मगर असल में ये असली शक्ति है ही नही क्योंकि आज हम आपको जिस महिला से मिलवाने जा रहे है वो इन सबके अरमानो पर एक तरह से पानी ही फेरते हुए नजर आती है और जिनसे हम आपको मिलवाने जा रहे है उनका नाम है IAS मोनिका यादव, जो आज की तारिख में महिलाओं के बीच में एक मिसाल है और उनकी रोल मॉडल है.

IAS मोनिका यादव राजस्थान के सीकर जिले के एक छोटे से गाँव की रहने वाली है. इनके पिता जी भी एक IAS ऑफिसर ही रहे है और पिता के नक़्शे कदम पर चलकर के वो भी एक अफसर बनी लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि उन्होंने कभी अपनी परम्परा को नही छोड़ा और बेलेंस करके चल रही है.

मोनिका यादव ने 403वी रैंक हासिल कर यूपीएससी में विजय हासिल की थी और तब से वो काम कर रही है. वो अपनी जो पारम्परिक वेशभूषा है उसे भी पहनती है और जब काम होता है तो मॉडर्न वेशभूषा भी पहनती है. ऑफिस के काम में वो बहुत तेज तर्रार रहती है और लोगो की मदद करती है तो घर और समाज में वो काफी अच्छे से लोगो से बनाकर के रखती है और परम्पराओं को भी निभाती है.

ये सब चीजे है जो कही न कही मोनिका यादव को बहुत ही ज्यादा अलग बनाती है. कही न कही अपने आप में ये सब तारीफ करने के लायक है और इस बात में कोई भी शक नही है. खैर अब जो भी है मोनिका यादव ने अपने जीवन में काफी कुछ हासिल किया है और वो लोगो के बीच में अपनी एक खास पहचान बना पाने में कामयाब भी हो रही है.