इस समाज में मौत होने पर करना पड़ता है रात को ही अंतिम संस्कार, वरना हो जाता है ऐसा

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हर व्यक्ति और हर समाज की अपनी रीति और परम्पराएं होती है जिसके अनुसार वो जीते है. कही न कही इस बात को तो आप भी मानते ही होंगे और लोग इसको काफी हद तक आपको फोलो करते हुए नजर भी आ जायेंगे लेकिन आज हम कुछ ऐसा बताने जा रहे है जो आपको शायद मालूम न रहा होगा. आपने सुना होगा आम तौर पर जो अंतिम संस्कार की प्रक्रिया होती है वो शाम होने से पहले पहले कर ली जाती है और नही हो पाती है तो फिर उसके लिए अगली सुबह का इन्तजार किया जाता है.

मगर क्या आप जानते है कि एक ऐसा समाज भी है जहाँ पर अंतिम संस्कार दिन या शाम में नही बल्कि आधी रात में किया जाता है और इसे कहा जाता है किन्नर समाज. अब इसमें भी कई चीजे है जो लोग ध्यान में रखते है. आपको कभी भी कही पर दिन को किन्नर का अंतिम संस्कार देखने को नही मिलेगा.

इसके पीछे का कारण ये होता है कि अगर कोई दिन में ऐसा होते हुए देख लेता है तो फिर उसे भी अगला जन्म उसी रूप में मिलता है. हालाँकि ये सिर्फ एक मान्यता या फिर कहे किवीदती है जिस आधार पर वो ये कार्य करते है. कुछ जगह पर जलाकर के किया जाता है तो अधिकतर जगह ऐसी भी है जहाँ पर इनको जमीन दफनाया जाता है और उस पर चप्पल चलाए जाते है.

ऐसा करने से माना जाता है कि उसके सारे के सारे पाप धुल जाते है और वो अपने अगले जन्म में एक अछा इंसान बनकर के आता है जो कि हर कोई जाहिर तौर पर चाहता ही है. खैर अब जो भी है इस तरह की चीजे अक्सर देखने में आती रहती है जो अपने आप में हैरान भी करती है और कई लोग इनको मानते है तो फिर कई लोग इनको इग्नोर करने की कोशिश भी करते ही है.