जो औरत करती है ये काम, उसका बुरा फल भोगता है उसका ही पति

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आम तौर पर हम लोग देखते है कि इन्सान के कर्मो का फल उस व्यक्ति को खुदको मिलता है लेकिन जब हम लोग ये बात करते है कि किन्ही दो लोगो के बीच में एक पति और पत्नी का रिश्ता बन चुका है तो फिर वहाँ पर चीजे ही अलग सी हो जाती है. चलिए फिर आज हम आपको बताते है कि वो कौन कौनसी चीजे है जो एक औरत को हमेशा ही करने से बचना चाहिए और अगर वो करती है तो फिर उसका फल उसका पति ही भोगता है.

इस बारे में एक कथा है जो बहुत ही अधिक जानी जाती है. दो पुरुष थे जो अपने जीवन का अंत होने के बाद में ऊपर गये और वहां पर उनके कर्मो का हिसाब होने लगा तो वहां पर चित्रगुप्त ने एक के लिए कहा कि इस आदमी के खाते में बहुत ज्यादा पूण्य है और इस आदमी के खाते में बहुत ज्यादा पाप है तो एक को स्वर्ग में डाल दो और एक को नरक में डाल दो.

इस पर दोनों ही कहने लगे हमने तो धरती पर कोई कर्म ही नही किया. हम तो बस सोये  रहे और कुछ काम नही किया तो हमारा मूल्यांकन किस आधार पर किया जा रहा है? तो इस पर उनसे कहा गया आप दोनों में से एक की पत्नी ने लोगो को दान दिया, पूजा की और धर्म कर्म किया तो उसका आधा फल आपको मिल रहा है और एक की पत्नी ने व्याभिचार किया, दूसरो को परेशान किया और झूठ बोलकर संपतियां हडपी तो उसका फल दुसरे वाले पति को आधा मिलेगा.

यानी जब भी कोई भी कार्य पति पत्नी करते है तो उसमे उसका जो फल होता है वो दोनों को ही आधा आधा मिलता है इसलिए एक जोड़े को हमेशा ही सम्मिलित रूप से धर्म कर्म का कार्य करने वाला होना चाहिए.