अपने पोते को करोना से बचाने के लिये दादा दादी ने पटरी पर आकर दे दी जान, जानिये पूरा मामला

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कोरोना को एक साल से अधिक समय हो चुका है. इस भयंकर माहवारी से लड़ते-लड़ते पूरे देश ने एकजूट होकर इसका सामना किया है. पिछली बार इसका बिलकुल भी इलाज़ नहीं होने के कारण इस बीमारी ने विक्राल रूप धारण कर लिया था और पूरी दुनिया में लाखों लोगों की जान ले ली. सरकार ने भी इसके रोकथाम में कई गाइडलाइन बनाकर लोगों को बचाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है.

देश और दुनिया के बड़े-बड़े हेल्थ सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों ने कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीन तक बना ली है. लेकिन इसके बावजूद भी कोरोना अभी तक थमा नहीं है. यह दिन-ब-दिन भयावह रूप धारण कर रहा है और कोरोना ने अपने दूसरे चरण में रफ़्तार सी पकड़ ली. पहले जहा यह छूने से ही हो जाता था, लेकिन इस बार विशेषज्ञों के अनुसार यह हवा के माध्यम से भी हो सकता है.

अमेरिका में विशेषज्ञों का मानना है कि डबल मास्क पहनने से इसे रोका जा सकता है और पूरे देश देश में जल्द से जल्द वैक्सीनेशन हो जाना बहुत ही जरुरी है.
कोरोना के बढ़ते इस चरण में राजस्थान के कोटा का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप वाकई में हैरान रह जायेंगे. दरअसल यहाँ पर रहने वाले एक बूढ़े दादा-दादी ने अपने पोते और बहु को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए ट्रेन के सामने कूद कर खुद की ही जान ले ली. पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर मौके का मुआयना किया और जांच पड़ताल कर रही है. पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि बूढ़े दादा-दादा अपने पोते-बहु के साथ रहते थे. उनके बेटे की मौत 5 साल पहले ही एक हादसे में हो गई थी. जब दादा-दादी को अपनी तबियत ख़राब लगी तो उन्होंने पास ही के अस्पताल में जाकर रिपोर्ट करवाई. रिपोर्ट से उन्हें पता चला कि वे दोनों ही कोरोना पॉजिटिव है.

घर में वे एक अलग ही रूम में क्वारनटाईन हो गए. उन्होंने अपने पोते और बहु को भी इस बारे में बता दिया. लेकिन फिर भी वे दोनों मन ही मन चिंता में डूबे थे कि उनकी वजह से यह संक्रमण कही उनके पोते और बहु को न ही जाये. फिर उन्होंने उन दोनों को बचाने के लिए पास ही के एक रेलवे स्टेशन पर जाकर सामने आती ट्रेन के सामने ब्रिज के उपर से छलांग मार ली और आत्महत्या कर ली. घटना की जानकारी के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.