न सुई का दर्द और कोरोना से भी प्रोटेक्शन…इसी हफ्ते आ सकती है कोविड वैक्सीन, बच्चों के साथ बड़ों पर भी कारगर

0
28

सेंट्रल डेस्क / अनू अस्थाना: कोरोना की तीसरी संभावित लहर से आशंकित देशवासियों के लिए एक अच्छी खबर है। भारतीय दवा नियामक इस हफ्ते एक और कोविड रोधी वैक्सीन को अनुमति दे सकते हैं। यह वैक्सीन बच्चों के लिए होगी। तीन डोज वाली डीएनए आधारित यह वैक्सीन 12 से 18 साल उम्र के बच्चों सहित वयस्को पर भी कारगर है। यह दुनिया की पहली डीएनए आधारित वैक्सीन है। जल्द ही सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी इस वैक्सीन का डेटा का विश्लेषण करेगा।

जायडस ने अपनी कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से मंजूरी मांगी है। अधिकारियों ने कहा कि इस टीके का ट्रायल वयस्कों के साथ-साथ 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों पर किया गया है। अगर एसईसी पेश किए गए आंकड़ों और दस्तावेजों से संतुष्ट है, तो वैक्सीन को जल्द ही आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दे दी जाएगी। इस मंजूरी से स्कूलों के खुलने में तेजी आ सकती है, हालांकि वैक्सीन की सप्लाई चिंता का प्रमुख विषय है। जायकोवी-डी डीएनए आधारित वैक्सीन है। इसमें कोरोना वायरस का जेनेटिक कोड है जो टीका लगवाने वाले के शरीर में इम्यून सिस्टम को सक्रिय करता है। यह दुनिया की पहली डीएनए आधारित वैक्सीन है। जबकि भारत की दूसरी स्वदेशी वैक्सीन है जिसने आपातकालीन उपयोग के लिए आवेदन किया है।

भारत में अब इन वैक्सीन को मिल चुकी है मंजूरी
भारत ने कोरोना के खिलाफ कोवैक्सिन (भारत बायोटेक), कोविशील्ड (सीरम इंस्टीट्यूट) और रूसी स्पुतनिक वी को मंजूरी दी है। इसके अलावा मार्डना वैक्सीन के आयात को हाल ही में मंजूरी दी गई है। जायकोवी-डी तीन डोज वाला टीका है। पहला टीका लेने के 28वें दिन दूसरी और 56वें दिन तीसरी डोज लेनी होगी। जायकोवी-डी को लंबे समय तक इस्तेमाल करने के लिए दो से आठ डिग्री सेल्सियस तक भंडारण करना होगा। वहीं सिप्ला को मॉडर्ना की कोविड रोधी वैक्सीन की अनुमति मिल गई है लेकिन वह अभी देश में उपलब्ध नहीं है।

कब तक शुरू होगी सप्लाई
अधिकारी ने कहा कि एक बार मंजूरी मिलने के बाद अगस्त-सितंबर तक वैक्सीन की आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, ZyCov-D भारत में कोरोनावायरस के खिलाफ पांचवां टीका होगा।

इस वैक्सीन को लगवाने के लिए सुई के दर्द नहीं होगा गुजरना
जायकोवी-डी एक इंट्राडर्मल वैक्सीन है जो फार्माजेट नीडल-फ्री सिस्टम के जरिए लगेगी। आपको वैक्सीन के लिए सुईं लगने के दर्द से नहीं गुजरना होगा। वैक्सीन को आपकी स्किन के 1 मिलीमीटर नीचे लगाया जाएगा। इंजेक्शन के जरिए लगने वाली वैक्सीन मांसपेशियों में डेढ़ इंच तक धंसाने के बाद रिलीज की जाती है। जायडस कैडिला की वैक्सीन को 2-8 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच स्टोर कर सकते हैं। वैक्सीन ने 25 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी कम से कम तीन महीने तक अच्छी स्टेबिलिटी दिखाई है।