भगवान शिव के प्रिय पौधे आयुर्वेदिक तौर पर भी हैं बहुत फायदेमंद, इस सावन इन्हें घर में जरूर लगाएं

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सावन महीने में विशेष तौर पर भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है। चारों ओर वर्षा के कारण प्रकृति भी अपनी चरम छटा पर होती है। हरे पेड़ – पौधे मानो नए वस्त्र धारण कर लेते हैं। वैसे तो आप पेड़ पौधे बारहों मास कभी भी लगा सकते हैं लेकिन सावन का महीना नए पेड़ पौधे लगाने के लिए ज्यादा अनुकूल होता है। भगवान शिव को कुछ पौधे बहुत प्रिय हैं तो क्यों न इन्हीं पौधों को लगाकर शिव को प्रसन्न करने के साथ पर्यावरण को भी सुगम बनाया जाए। इस बार सावन महीने की शुरुआत 25 जुलाई 2021 से हो रही है। (Saavn 2021)

Lord Shiva favourite plants to grow in Saavn
बेल का पेड़

भगवान शंकर बेलपत्र, शमीपत्र, अकौड़ा एवं धतूरा चढ़ाने से खुश होते है। सावन में इन पौधों का रोपण कर भगवान शंकर की कृपा प्राप्त की जा सकती है। (Monsoon plants)

शमी का वृक्ष शनि ग्रह के दोष निवारण में भी प्रयोग किया जाता है। इसी प्रकार अकौड़ा सूर्य के दोष को शांत करने के लिए तथा सूर्य को प्रबल करने के लिए प्रयोग में आता है।

धतूरा आयुर्वेदिक रूप से बहुत ही लाभपद्र है तथा पशुओं के लिए दुग्ध उत्पादन में बढ़ोत्तरी देता है।

मान्यताओं के अनुसार बेलपत्र शिवजी पर अर्पित करने से एक करोड़ कन्या दान के समान लाभ प्राप्त होता है तथा 100 अश्वमेघ यज्ञ करने के बराबर फल मिलता है।

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शमीपत्र

बेल का आयुर्वेदिक महत्व

आयुर्वेद में पेट संबंधी असाध्य बीमारियों का एक मात्र इलाज बेल (ayurvedic qualities of bael) है तथा नवग्रह में मंगल, गुरु एवं राहु के दुष्प्रभाव को भी शांत करता है। ( भगवान भोले पर दूर्वांकुर भी चढ़ाए जाते है। जिनका आयुर्वेदिक महत्व रक्त को शुद्ध करने में तथा रक्त की मात्रा में लाल रक्त कणिकाएं (आरबीसी) की बढ़ोत्तरी में सहायक हैं। यह कैंसर जैसे असाध्य रोग को दूर करने में भी सहायक है। केतु ग्रह को शांत करने के लिए भी दूर्वा का प्रयोग किया जाता है।