पानी से बना दिया सोना, कैसे किया वैज्ञानिकों ने यह काम

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वैज्ञानिकों द्वारा आए दिन नए उपलब्धि के बारे में हमे अक्सर सुनने को मिलते रहती है। अब एक ऐसी बात पेरू से आई जिसे जानने के बाद आप दंग रह जाएंगे। पेरू के शोधकर्ताओं ने पानी से सोना बना दिया है। जी आपने सही पढ़ा। ऐसे तो पहले भी कई धातुओं के मिश्रण से सोना बनाने के कई प्रयास किए गए हैं। इस तकनीक को रस-विधा कहा जाता है। अब पेरू के शोधकर्ताओं ने कुछ हद्द तक इसकी पहली सुलझाई है। चेक गणराज्य में पेरू की चेक अकादमी ऑफ़ साइंसेज ने यह कर दिखाया है। अकादमी के शोधकर्ताओं ने यह कारनामा भौतिक रसायनविदों ने क्षारीय धातु यानि अल्कलाइन मेटल की मदद से कर दिखाया है। क्षारीय धातु सोडियम-पोटाशियम जैसे तत्वों का मिश्रित समूह होती है, यह तत्त्व काफी प्रक्रियाशील होते हैं।

कैसे हुआ यह प्रयोग

इस शोध में चुनौती यह थी की पानी के संपर्क में आने पर क्षारीय धातु विस्फोटक में तब्दील हो जाती है। इससे बचने के लिए ऐसा प्रयोग तैयार हुआ, जिससे प्रतिक्रिया धीमी हो जाए और विस्फोट न हो। एक सिरिंज में पोटैशियम और सोडियम कोभरा गया, जिसका तापमान सामान्य रूप से तरल हो। इसे निर्वात चेंबर में रख दिया गया। एक सिरिंज के जरिए शोधकर्ताओं ने मिश्रण की हर बूंद को पानी की भाप की छोटी-सी मात्रा से मिलाया गया, जिससे एक माइक्रोमीटर के दसवें हिस्से जितनी मोटी परत बनी। इस परत में इलेक्ट्रॉन तेजी से धात्विक आयन के साथ पानी में घुल गए। कुछ ही समय में वह परत सोने की बन गई। इस प्रयोग में उच्च दबाव की जरूरत नहीं पड़ी।

वापिस पानी में बदल सकता है धातु

तत्वों के मोलेक्युल्स इतने ज्यादा करीब आ जाते हैं कि इनके बाहरी इलेक्ट्रॉन के सहभागी हो जाते हैं। ऐसा ही 48 मेगाबार एटमॉस्फीरिक दबाव पानी पर देने से हो सकता है। हालांकि लैब तकनीक में ऐसा कर पाना मुमकिन नहीं है। नई स्टडी के सह-लेखक पावेल जंगवर्थ ने इलेक्ट्रॉन सहभागिता के लिए क्षारीय धातु का इस्तेमाल किया है।