123 साल से बंदी बना हुआ है पेड़, अंग्रेज़ अफसर ने किया था कैद

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अगर हम बात करते हैं आज़ादी के पहले की तो ऐसे कई सारे किस्से है जो सामने आते हैं। यक़ीनन अंग्रेजों ने हमपर बेहद ज़ुल्म ढाए थे। देश की आज़ादी के लिए कितने लोग उम्रभर कैद रहे तो कुछ ने लड़ाई में जानें गवाई हैं। इन सब चीजों के बावजूद हमने प्रयास नहीं छोड़ा, जब बात आती है गिरफ्तारी की तो आपने कई ऐसे बहादुर लोगों के बारे में सुना होगा, पर क्या कभी आपने एक पेड़ की गिरफ्तारी के बारे में सुना है? यह पढ़ कर आपको भी आश्चर्य लगेगा, पर आज़ादी की लड़ाई में इंसान के साथ पेड़ भी कैद हुए हैं।

अब सोचने की बात यह है कि भला पेड़ ने ऐसा क्या किया होगा कि उसे गिरफ्तार करना पड़ा। अगर इतनी ही परेशानी थी तो पेड़ काटा भी जा सकता था, फ़िर गिरफ्तार क्यों किया गया? तो दरअसल बात यह थी कि नशे की हालत में एक अंग्रेज जेलर ने पेड़ को बंदी बनाया था। अभी तक वो पेड़ बड़े बड़े जंजीरों से जकड़ा हुआ है।

क्या है कहानी

तो मामला आज से 123 साल पहले यानी साल 1989 का है। उस समय पाकिस्तान भी भारत का हिस्सा था, और भारत अंग्रेजों की कैद में था। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह स्थित लंडी कोटल आर्मी कैंटोनमेंट में तैनात एक ब्रिटिश अफसर जेम्स स्क्विड ने एक दिन शराब पी रखी थी। नशे में धुत होकर वह इधर उधर घूम रहे थे। अचानक अधिकारी को लगा कि पेड़ उनकी तरफ आ रहा है और वह हमला कर उनकी जान ले लेगा। तो उन्होंने तुरंत सार्जेंट को आर्डर देकर पेड़ को अरेस्ट करवा दिया। उन्होंने तुरंत मैस के सार्जेंट को ऑर्डर दिए कि पेड़ को तुरंत अरेस्ट कर लिया जाए। इसके बाद वहां तैनात सिपाहियों ने पेड़ को जंजीरों में जकड़ दिया था।

हालाँकि अभी तक पाकिस्तान के लोगों इन जंजीरोंं को पेड़ से नहीं निकाला है। वहां के लोगों का यह मानना है कि यह पेड़ अंग्रेजों के जुल्म का एक नमूना है। इसे देखकर लोगों को इस बात का अंदाजा होगा कि आखिर किस तरह अंग्रेज हम लोगों पर जुल्म किया करते थे।