कभी बेचा करते थे बाल्टी में रसगुल्ले, आज 1000 करोड़ की कंपनी है बीकानेरवाला

0
113

जब भी हम सनाश्ते है स्नैक्स की बात करते हैं तो बीकानेरवाला हमारे दिमाग में ज़रूर आता है। क्या आपने कभी इनके बीते हुए संघर्ष के बारे में सुना है ? क्या आप जानते है एक ज़माने में बीकानेरवाला की शुरुवात गली-गली में घूमकर बाल्टी में रसगुल्ले और नमकीन बेचने से हुई थी। इतने बड़ी कंपनी को स्थापित करने में 83 साल के केदारनाथ अग्रवाल (काका जी) और उनके परिवार का संघर्ष और योगदान है। आज से 66 साल पहले यानी सन 1955 में काकाजी उर्फ़ केदारनाथ अग्रवाल पैसे कमाने के लिए अपने बड़े भाई के साथ बीकानेर से दिल्ली गए थे।

दिल्ली जाने के बाद केदारनाथ जी के पास रहने के लिए कोई जगह नहीं थी, तो उन्होंने धर्मशाला में कुछ दिन निवास किया था। जब उन्हें कमाई का कोई ज़रिया समझ नहीं आया तो उन्होंने बाल्टी में रसगुल्ले और नमकीन बनाकर गली-गली घूम-घूम कर बेचना शुरू किया। कुछ समय बाद लोगों को उनके रसगुल्ले और नमकीन का स्वाद पसंद आने लगा और उनकी आमदनी भी बढ़ने लगी। आमदनी बढ़ने पर उन्होंने एक किराय की दुकान पुराणी दिल्ली में ली। दुकान पर मिठाई और नमकीन बनाने के लिए कारीगर की ज़रूरत पड़ने लगी तो बीकानेर से उन्होंने कुछ लोगों को बुला लिया।

दिल्ली जाते वक़्त उन्होंने सोचा भी नहीं था कि वह इस क़दर प्रसिद्ध हो जाएंगे की पूरी दुनिया में उनका नाम होगा। लेकिन उनका यह सफ़र इतना आसान नहीं था। कुछ ही दिनों में उनकी यह छोटी-सी दुकान पूरे पुरानी दिल्ली में वर्ल्ड-फेमस हो गयी। दिवाली के अवसर पर उनके द्वारा बनाए गए पकवान जैसे मूंग दाल का हलवा, रसगुल्ले और नमकीन का स्वाद लोगो के मुँह पर चढ़ चूका था और लोग पूरी तरह कायल हो चुके थे। उनके पकवासन इतने स्वादिष्ट थे की उनकी आमदनी बहुत ज़्यादा बढ़ गई। लोगों की भीड़ बढ़ने पर उन्होंने अपने दुकान के लिए यह नियम बना दिया कि वह किसी को भी 10 रसगुल्ले से ज़्यादा नहीं देंगे। अपनी इस छोटी सी दुकान को उन्होंने ‘बीकानेरी भुजिया भंडार’ का नाम दिया। बीकानेरी भुजिया भंडार अब ट्रेडमार्क बन चुका था। कुछ दिनों बाद केदारनाथ जी ने अपने भाई से सलाह मशवरा कर ‘बीकानेरी भुजिया भंडार’ से बदलकर ‘बीकानेरवाला’ रख दिया।

केदारनाथ अग्रवाल ने सन 1972-73 के आसपास दिल्ली के करोलबाग में एक दुकान खरीद लिया। जिसके बाद उन्हें कभी भी पीछे पलट कर देखने की ज़रूरत नहीं पड़ी। समय बीतते गया और दुकानों की संख्या में बढ़ोतरी होती गई। आज के समय में बीकानेर वाला एक बहुत बड़ा ब्रांड है। यह कंपनी लगभग 1000 करोड़ से भी ज़्यादा की है।