96 प्रतिशत हवा से बनी दुनिया की सबसे हलकी मिठाई

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मिठाई खाने के शौक़ीन तो हर लोग होते हैं। यकीनन पुरे विश्व में हज़ार तरह की मिठाइयां बनती हैं। पर अपने भारत में भी मिठाइयों अनगिनत प्रकार हैं। हर अलग उपलक्ष के लिए दूसरी तरह की ख़ास मिठाई हमारे यहां उपलब्ध होतीं हैं। और तो और मिठाइयों से एक ही समारोह और भी ख़ास हो जाता है। पर आज आपसे हम एक ऐसी मिठाई के बारे में बताने जा रहे हैं जो कई मायनों में अभी तक की सबसे अनोखी मिठाई है। यकीन मानिए आपने अभी तक ऐसी मिठाई के बारे में आपने सपनों में भी नहीं सोचा होगा।

यह कारनामा किया है ब्रिटेन के कारीगरों ने। उन्होंने दुनिया की सबसे हल्की मिठाई तैयार की है। इस मिठाई को सिर्फ हलवाइयों ने नहीं बल्कि इसे बनाने में वैज्ञानिकों की सहायता भी ली गई है। आप यह जानकर चौंक जाएंगे कि यह दुनिया की सबसे हल्की मिठाई है जिसका वजन सिर्फ एक ग्राम है। इस मिठाई का 96 फीसदी हिस्सा सिर्फ हवा है। मतलब मुहं को मिठास से भर देने का काम इसमें मिलाए गए सिर्फ 4 प्रतिशत पदार्थ ही करते हैं।

कैसे बनाया गया इसे

इस मिठाई को एरोजेल से बनाया गया है। आपको बता दें एरोजेल दुनिया का सबसे हल्का ठोस पदार्थ है। साल 1931 में इसका अविष्कार हुआ था। इसका अविष्कार अमेरिका के रसायनविद सैमुअल किस्टलर ने किया था। सैमुअल व उनके एक साथी के बीच शर्त लगी थी कि कौन बिना सिकुड़न के जेल में मौजूद पानी को हवा में बदल सकता है। इसी शर्त के चलते सैमुअल ने कई प्रयोग किए जिसमें एरोजेल का अविष्कार हुआ। एरोजेल में 95 से 99.8 प्रतिशत हवा होती है इसी वजह से यह दुनिया का सबसे हल्का ठोस पदार्थ है।

इस मिठाई को लंदन में स्थित डिजाइनर स्टूडियो बॉमपास एंड पार के कारीगरों ने एरोजेलेक्स लेबोरेटरी के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर जर्मनी के हैमबर्ग में बनाया है । इस मिठाई को बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने पहले दुनिया के सबसे हल्के ठोस पदार्थ को खाने लायक बनाया फिर उसमें मिठास डाली। वैसे तो एरोजेल का निर्माण कई पदार्थों से होता है लेकिन मिठाई बनाने के लिए कारीगरों ने अंडे की सफेदी में पाए जाने वाले ग्लोबुलर प्रोटीन एल्बमोइड्स का प्रयोग किया। इसे बनाने के लिए सबसे पहले अंडे के सफेद हिस्से से हाइड्रोजेल तैयार किया गया और फिर उसे कैल्शियम क्लोराइड और और पानी में डुबोकर एक सांचे में डाला गया। इसके बाद तैयार मैरिंग्यु जेल से तरल पदार्थ हटाकर उसे लिक्विड कार्बन डाई ऑक्साइड में बदला गया। इसे बाद में गैस बना दिया गया और अंत में गैस को भी हटा दिया गया। और ऐसे तैयार हुई विश्व की सबसे हलकी मिठाई।