14 साल की दीक्षा ने लिखे ब्लैक होल और गॉड पर सिद्धांत, मिली नासा से फ़ेलोशिप

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अगर व्यक्ति में ज्ञान पानी की ललक हो तो उम्र महज़ अंक लगता है। अब चाहे इंसान २० साल ही क्यों न हो ऐसा हो सकता है की वो 40 साल के व्यक्ति से ज्यादा ज्ञानी हो। कुछ ऐसा ही साबित किया है महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर में रहने वाली 14 साल की दीक्षा शिंदे ने। भारत की इस बेटी ने अपनी योग्यता से अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा को भी प्रभावित कर दिया है। नासा दीक्षा से कुछ यूँ प्रभावित हुई है की उन्होंने दीक्षा को अपने यहां फैलोशिप के लिए चुना है। मिली जानकारी के मुताबिक दीक्षा को नासा के एमएसआई फैलोशिप वर्चुअल पैनल पर पैनलिस्ट के रूप में चुना गया है।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान दीक्षा ने बताया कि किस तरह से उन्हें यह फ़ेलोशिप मिली। दीक्षा ने ब्लैक होल और भगवान पर एक थ्योरी लिखी थी, और तीन प्रयासों के बाद नासा ने उसे मंजूर किया। दीक्षा ने कहा कि नासा ने उन्हें (दीक्षा को) अपनी वेबसाइट के लिए एक आर्टिकल लिखने को कहा था। नासा में सेलेक्शन होने के बाद सोशल मीडिया पर दीक्षा की जमकर तारीफ हो रही है।

खूब बटोर रही हैं सुर्खियां

नासा की फैलोशिप के लिए चुने जाने पर दीक्षा शिंदे और उसका परिवार काफी खुश है। महज़ 14 साल की उम्र में ऐसी उपलब्धि हासिल करने के बाद दीक्षा की सोशल मीडिया खूब तारीफ हो रही है। कई लोगों ने दीक्षा को आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित भी किया। इस दौरान एक ट्विटर यूजर्स ने लिखा कि वह भारत का उज्जवल भविष्य हैं। गौरतलब है दीक्षा शिंदे के पहले भी महाराष्ट्र के कई छात्रों को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा फैलोशिप के लिए चुना जा चुका है।

आपको बता दें कि दीक्षा के पिता कृष्णा शिंदे स्कूल प्रिंसिपल हैं, जबकि मां रंजना शिंदे ट्यूशन क्लास लेती है। अब अक्टूबर 2021 में होने वाले एक सम्मेलन दीक्षा हिस्सा लेने वाली है, जिसका सारा खर्च नासा वहन करेगा।