आईएएस पद छोड़ शुरू किया स्टार्टअप, अब खड़ी कर दी 14000 करोड़ की कंपनी

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भारत एक ऐसा देश है जहां सरकारी नौकरी की एहमियत सबसे ज्यादा है। अगर सरकारी नौकरी न सही तो सफलता पाने के लिए युवा डॉक्टर या इंजीनियर बनना तो चाहते हैं पर असल में होड़ सरकारी नौकरी की होती है। सरकारी कुर्सी की गर्मी व नाम की बात ही अलग होती है। तमाम पेशों के बीच किसी के दिमाग में स्टार्टअप का ख्याल नहीं आता। मगर आज आपको एक ऐसे शक़्स के बारे में बताते हैं जो एक डॉक्टर है, पूर्व IAS अधिकारी भी रह चुके हैं और अब एक सफल आंत्रप्रेन्योर या बिजनेसमैन हैं।

कौन है यह शक़्स

तो इस डॉक्टर-आईएएस अफसर-आंत्रप्रेन्योर का नाम है रोमन सैनी। रोमन ने महज़ 16 साल की छोटी उम्र AIIMS एडमिशन एग्जाम को पास कर लिया। इस मुकाम को हासिल करने वाले वो देश सबसे युवा इंसान हैं। इसके साथ उन्होंने सिर्फ 18 साल की उम्र में ही इस प्रतिष्ठित पब्लिकेशन के लिए एक रिसर्च पेपर भी लिखा था अपना MBBS पूरा करने के बाद रोमन सैनी ने AIIMS के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर में कुछ समय काम भी किया। यह किसी के लिए भी ड्रीम जॉब होगी गर रोमन ने इस जॉब केवल 6 महीने करके छोड़ दिया। इस जॉब को छोड़ने के पीछे उनकी थी आईएएस अफसर बनने की चाह।

नौकरी छोड़ की UPSC की तैयारी

अपनी जॉब छोड़ने के बाद महज़ 22 साल की उम्र में रोमन ने देश की सबसे कठिन सिविल सर्विसेज की परीक्षा UPSC को क़्वालीफी किया। UPSC करने की चाह पर रोहन ने बताया कि ‘मैं एमबीबीएस कर रहा था और हरियाणा के दयालपुर गांव में तैनात था, मैंने देखा कि कैसे लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे। तभी मैंने देश की सेवा करने का फैसला किया।’ आपको बता दें रोमन 22 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के IAS अधिकारियों में से एक थे और उन्हें कलेक्टर के रूप में मध्य प्रदेश में तैनात किया गया था।

कहते हैं अगर कुछ किस्मत में लिखा हो तो हर बंदिशों को पार कर वो आप तक ज़रूर आएगा। कुछ इसी तरह रोमन की किस्मत में उनका एंटरप्रेन्योर बनना तय था। इसलिए आईएएस अधिकारी के तौर पर भी उनकी पारी लंबी नहीं चली। उन्होंने इस प्रतिष्ठित नौकरी को छोड़कर अपने दोस्त गौरव मुंजाल के साथ मिलकर Unacademy नाम की कंपनी की स्थापना की, ये एक प्लेटफॉर्म है जो हजारों आईएएस उम्मीदवारों को UPSC परीक्षा की तैयारी करने में मदद करता है. Unacademy की स्थापना के पीछे विचार ये था कि छात्रों को UPSC कोचिंग के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म दिया जाए जिसके लिए उन्हें लाखों रुपये न खर्च करना पड़े।

बनाई 14000 करोड़ की कंपनी

Unacademy की शुरुआत साल 2010 में गौरव मुंजाल द्वारा बनाए गए YouTube चैनल के रूप में की गई थी। कंपनी की स्थापना 2015 में मुंजाल, सैनी और उनके तीसरे सह-संस्थापक हेमेश सिंह ने साथ मिल कर की थी। छह साल बाद, Unacademy 18,000 शिक्षकों के नेटवर्क के साथ भारत के सबसे बड़े शिक्षा प्रौद्योगिकी प्लेटफार्म्स में से एक है। कंपनी की वैल्यू 2 अरब डॉलर है और भारतीय मुद्रा के हिसाब से करीब 14,830 करोड़ रुपये है। इतना ही नहीं इस प्लेटफॉर्म पर 5 करोड़ से ज्यादा यूज़र्स एक्टिव हैं।

अपने स्टार्टअप को इस मुकाम तक पहुंचाने के बाद रोमन का मानना ​​है कि सीखना सफलता की ओर पहला कदम है। किसी भी चुनौती को स्वीकार करने से पहले आपको उसके लिए तैयार रहना चाहिए। उनके मुताबिक कोई भी जन्म से जीनियस नहीं होते और हर किसी के पास ज्ञान, प्रतिभा और चरित्र होता है कि वो अपने लिए जो भी लक्ष्य निर्धारित करते हैं और उसे हासिल करते हैं। उनके मुताबिक किसी को अपने माता-पिता या समाज की इच्छाओं के खिलाफ जाने के डर के साथ-साथ अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाने के डर को दूर करने की जरूरत है।