पटना से लेकर इंदौर तक में फ्लैट, विदेश यात्रा, बिहार के अधिकारी की अकूत संपत्ति के सबूत

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अनुभूति श्रीवास्तव ने पटना में ही दूसरा फ्लैट खरीद रखा है, इसके अलावा उनका तीसरा फ्लैट इंदौर में है, इन दोनों फ्लैट से संबंधित एग्रीमेंट के सबूत विजिलेंस टीम को मिले हैं।

New Delhi, Sep 02 : बिहार में धनकुबेर बने सरकारी अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लगातार जारी है, बुधवार को हाजीपुर नगर परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव के पटना स्थित फ्लैट पर स्पेशल विजिलेंस टीम ने छापेमारी की, 12 घंटे से ज्यादा समय तक चली छापेमारी में निलंबित कार्यपालक अधिकारी के पटना के रुकनपुरा स्थित अपार्टमेंट में अकूत संपत्ति के कई सबूत मिले हैं।

अकूत संपत्ति
अनुभूति श्रीवास्तव ने पटना में ही दूसरा फ्लैट खरीद रखा है, इसके अलावा उनका तीसरा फ्लैट इंदौर में है, इन दोनों फ्लैट से संबंधित एग्रीमेंट के सबूत विजिलेंस टीम को मिले हैं, rupees इसके अलावा अधिकारी ने अपनी पत्नी और बच्चे के नाम से इंश्योरेंस और म्यूचुअल फंड की कई पॉलिसी भी ले रखी है, कार्यपालक पदाधिकारी 15 लाख रुपये से अधिक का प्रीमियम हर साल जमा करते हैं, निलंबित कार्यपालक पदाधिकारी के पास इनोवा, अर्टिगा जैसी कार भी बरामद हुई है।

आपत्तिजनक कागजात
स्पेशल विजिलेंस यूनिट की ओर से जो जानकारी दी गई है, उनके मुताबिक कई आपत्तिजनक कागजात भी छापेमारी के दौरान अनुभूति श्रीवास्तव के फ्लैट से मिले हैं, स्पेशल विजिलेंस टीम को फिक्स डिपॉजिट, एलआईसी, रियल स्टेट समेत कई जगहों पर निवेश करने के डिटेल भी मिले हैं, कार्यपालक अधिकारी के आवास से कैश भी मिले हैं, हालांकि बरामद रकम को लेकर फिलहाल कोई खुलासा नहीं हुआ है, कार्यपालक पदाधिकारी के पास से जो संपत्ति मिली है, उसमें से कई के डिटेल सरकार के पास जमा रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है, यही नहीं कई बार महंगी टिकट लेकर अनुभूति फ्लाइट से सफर भी कर चुके हैं।

मॉरीशस ट्रिप
वो मॉरीशस छुट्टियां मनाने गये थे, जिसका सबूत विजिलेंस टीम को मिला है, डीएसपी के नेतृत्व में 10 अधिकारियों की टीम ने बुधवार को उनके आवास पर 7 बजे से छापेमारी शुरु की थी, 12 घंटे से ज्यादा समय तक ये छापेमारी चली, rupees 18 अगस्त को ही हाजीपुर नगर परिषद के पदाधिकारी पद पर तैनात अनुभूति श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया था, पटना के स्पेशल विजिलेंस थाने में इनके खिलाफ केस संख्या 1/2021 दर्ज की गई थी, हाजीपुर से पहले अनुभूति भभुआ में पोस्टेड थे, वहां भी उन पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे।