पूर्वी लद्दाख के पास चीनी विमानों की तैनाती पर भारतीय वायुसेना प्रमुख का बड़ा बयान, निपटने के लिये तैयार

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वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हमें पाक और पीओके में हवाई क्षेत्रों से ज्यादा चिंतिंत होने की जरुरत नहीं है, क्योंकि वो छोटे स्ट्रिप्स हैं, जहां से कुछ हेलीकॉप्टर ही उड़ान भर सकते हैं।

New Delhi, Oct 05 : भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा कि चीन ने पूर्वी लद्दाख के पास 3 ठिकानों पर अपनी वायुसेना को तैनात किया है, उनका ये बयान सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे द्वारा सभी पूर्वी लद्दाख तथा उत्तरी मोर्चे पर चीन द्वारा काफी संख्या में सैनिकों को तैनात करने पर अलर्ट जारी करने के 3 दिन बार आया है, चीन-पाक साझेदारी तथा 2 मोर्चों पर युद्ध की आशंका के बारे में बात करते हुए चौधरी ने कहा कि इस साझेदारी से डरने की कोई बात नहीं है, एकमात्र चिंता ये है कि पश्चिमी तकनीक पाक से चीन तक जा रही है, उन्होने ये भी आश्वासन दिया, कि पाक तथा पीओके में हवाई क्षेत्र में चिंता करने जैसा कुछ नहीं है।

चिंतित होने की जरुरत नहीं
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हमें पाक और पीओके में हवाई क्षेत्रों से ज्यादा चिंतिंत होने की जरुरत नहीं है, क्योंकि वो छोटे स्ट्रिप्स हैं, जहां से कुछ हेलीकॉप्टर ही उड़ान भर सकते हैं, इससे पहले नरवणे ने कहा था कि चीन ने पूरे पूर्वी लद्दाख में बड़ी संख्या में तैनाती की है, हालांकि सेना प्रमुख ने ये भी कहा था कि भारत भी हर खतरे से निपटने के लिये तैयार है, उन्होने 13 दौर की मीटिंग में हालात बेहतर होने की उम्मीद जताई है, साथ ही उन्होने जानकारी दी, कि पाक की ओर से भी दो बार सीजफायर का उल्लंघन हुआ है।

हर मोर्चे पर तैनाती
शनिवार को जनरल एमएम नरवणे ने कहा था कि चीन ने हमारे पूर्वी कमान तथा पूर्वी लद्दाख और उत्तरी मोर्चे पर काफी तैनाती की है, अग्रिम मोर्चे पर हुई उनकी तैनाती वास्तविक रुप से हमारे लिये चिंता का विषय है, उन्होने कहा था कि हम उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं, हमें मिली जानकारी के आधार पर हम इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ सैनिकों में भी बराबर का इजाफा कर रहे हैं, जो किसी भी खतरे का सामना करने के लिये जरुरी है।

हिंसक झड़प
आपको बता दें कि भारत तथा चीन के बीच मौजूदा सीमा गतिरोध पिछले साल मई में पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झ़ड़प के बाद शुरु हुआ था, दोनों पक्षों ने धीरे-धीरे हजारों सैनिकों के साथ भारी हथियारों की तैनाती बढा दी थी, पिछले साल 15 जून को गलवान घाटी में झड़प के बाद ये गतिरोध बढ गया था।