अंतिम दिनों में अपनो ने भी छोड़ दिया था साथ, पाई पाई के मोहताज हो गए थे ये स्टार्स !

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फिल्मी दुनिया के कई सितारों के जीवन फिल्मों की कहानी से मिलता जुलता रहा ।फिल्मों में जैसे किरदार को अमीर से गरीब बनते देखा है ऐसे ही कुछ स्टार्स के निजी जिंदगी में भी देखने को मिला है। इसी आर्थिक स्थिति में दुनिया को अलविदा कह गए। आइए आज के इस पोस्ट जानते है ऐसी ही कुछ कालोकारो के बारे में।

भगवान दादा

भगवान दादा फिल्मी दुनिया के जानीमानी हस्ती थे। आज भी इंडस्ट्री में सम्मान से लिया जाता है उनका नाम। भगवान दादा ने इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले मजदूरी भी को थी। उन्होंने फिल्म ‘क्रिमिनल’ से किया था अपने करियर की शुरुआत। अलबेला फिल्म के शोला जो भड़के लोकप्रिय गाने से वे काफी मशहूर हुए थे। बाद में मानो उनके सिर आसमान टूट पड़ा। के एक समय के बाद उनका करियर छोटी भूमिकाओं में सिमट गया।एक समय ऐसा भी आया जब वह जुहू बीच के सामने 25 कमरों के बंगले में रहने वाले भगवान दादा को दरार की एक दो कमरों की चॉल में रहना पड़ा। ऐसे संगीन हालातों में 4 फरवरी, 2002 में उनका निधन हो गया।

एके हंगल

बेहतरीन कलाकार एके हंगल को बावर्ची और शोले जैसे फिल्मों के लिए आज भी लोग याद करते है। आज भी मिमिक्री आर्टिस्ट उनकी मिमिक्री करते है। जीवन के अंतिम दिनों में ऐसी नौबत आई की उन्हे किराए के घर में रहना पड़ा था। पर हंगल ने अपने आखरी दिनो में भी किसी से मदत नही मांगी। वह तब भी खुद को दोषी मानते थे की ये उनकी ही गलती है की सारी जिंदगी उन्होंने कुछ बचत नहीं की। अंतिम दिनों में भी वे स्वाभिमानी बने रहे। ओर 26 अगस्त 2012 को 98 की उम्र में वे यह दुनिया छोड़ कर चले गए।

गीता कपूर

गीता कपूर बॉलीवुड की बेहतरीन अभिनेत्री थी। पाकीजी जैसी लोकप्रिय फिल्म का हिस्सा रही गीता कपूर। पर उनके अंतिम दिनों में परिवार वाले का भी सहारा नहीं मिला उन्हे। बताया जाता है की अस्पताल में इलाज के दौरान उनका बेटा उन्हे छोड़ कर भाग गया था। बॉलीवुड के कुछ लोगो ने उनके इलाज का खर्चा उठाया था। ओर आखिरकार 26 मई 2018 को उनका निधन हो गया।

विम्मी

जितनी जल्दी विम्मी को बॉलीवुड में कामयाबी मिली उतनी ही जल्दी उनका करियर खत्म भी हो गया था। उनकी पहली फिल्म ‘हमराज’ से उन्हे इतनी पॉपुलैरिटी मिली की एक के बाद एक फिल्मों की ऑफर आने लगी।
विम्मी की वैवाहिक जीवन भी अल्प काल तक ही सीमित रही। अकेले पन में विम्मी को नशे की लत पर गई थी। आर्थिक देनदानियों ने हालत और भी बदल कर रख दिया। इसके कुछ वर्षो बाद ही लिवर की समस्या के चलते 22 अगस्त 1977 को विम्मी की मौत हो गई। बताया जाता है की मौत के बाद उनकी पार्थिव शरीर को एक चायवाले की ठेले पर शमशान ले जाना पड़ा।

भारत भूषण

दिग्गज अभिनेता भारत भूषण ने कालिदास, तानसेन, कबीर, मिर्जा गालिब और बैजू बावरा जैसे एहिहाशिक किरदार निभाए। हालांकि प्रोड्यूसर होने के बाद उनकी करियर खराब होते चले गए। उनकी फिल्मे असफल होती चली गई और वे कर्जे में डूब गए। ओर आखिर मे 27 जनवरी 1992 को वह ये दुनिया छोड़ के चले गए।