बालीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्में जो हर एक को अफगानिस्तान से सीधा जोड़ती हो, जिसने सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ जमा दी

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अफगानिस्तान का बॉलीवुड-कनेक्शन:90 के दशक में अफगानिस्तान बॉलीवुड फिल्मों का बड़ा कंज्यूमर रहा, हिंदी फिल्में देखना वहां फैमिली ट्रेडिशन जैसा था

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे ने दुनियाभर को हिला के रख दिया है। आए दिन वहां से जो तस्वीरें आ रही हैं वो दिल दहला देने वाली हैं। पर अफगानिस्तान की धरती पहले ऐसी नहीं थी जैसी तस्वीर आज नजर आ रही है। यहां कभी रौनक हुआ करती थी, जहां फिल्में शूट हुआ करती थीं। अफगानिस्तान के इन हालातों से भारतीय फिल्म बाजार को भी काफी बड़ा झटका लगा है। क्योंकि अफगानियों का एक तबका ऐसा भी है जो हिंदी फिल्में खूब पसंद करते हैं। और जब वहां इंडियन सेलिब्रिटी शूट करने जाते तो उन्हें देखने के लिए भीड़ लग जाया करती थी।

1990 के दशक के दौरान अफगानिस्तान बॉलीवुड फिल्मों का बड़ा कंज्यूमर रहा है। हिंदी फिल्में देखना वहां के फैमिली ट्रेडिशन जैसा था। फिल्मों के गाने को लेकर भी वहां के लोगों में बहुत बड़ा क्रेज है। बॉलीवुड ऐसे तो हमेशा से लोगों को कनेक्ट करने का एक जरिया रहा है। लेकिन तालिबान म्यूजिक और फिल्मों के खिलाफ है।

सरजमीं-ए-अफगानिस्तान पर ये हिंदी फिल्में शूट हो चुकी हैं

​​​​​धर्मात्मा (1975)


हमारी फिल्मों का अफगानिस्तान से सबसे पुराना रिश्ता 46 साल पुरानी फिल्म धर्मात्मा से रहा है। इस फिल्म का सबसे फेमस गाना क्या खूब लगती हो बड़ी सुंदर दिखती हो तो आज भी हर किसी के जुबान पर छाया रहता है। इस फिल्म में फिरोज खान, रेखा, हेमा मालिनी जैसे सितारे थे। ये फिल्म साल 1975 में अफगानिस्तान के ‘बामियान बुद्धा’ में शूट की गई थी पर बाद में इस जगह को तालिबानियों ने अमेरिका को सबक सिखाने के लिए तबाह कर दिया था।

खुदा गवाह (1992)

वो ब्लॉकबस्टर फिल्म जो हर एक को अफगानिस्तान से सीधा जोड़ती हो। जिसने सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ जमा दी थी। फिल्म खुदा गवाह.. 1992 में रिलीज हुई ‘खुदा गवाह’ फिल्म में अमिताभ बच्चन और श्रीदेवी थे। इस फिल्म की ज्यादातर शूटिंग काबुल में की गई थी। उस वक्त वहां का माहौल तनाव भरा था, पर फिल्म की शूटिंग के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद नजीबुल्लाह ने अमिताभ बच्चन की सुरक्षा में देश की आधी एयरफोर्स लगा दी थी। इसके साथ ही बिग बी को वहां शाही सम्मान भी मिला था।

जानशीन (2003)

अगली फिल्म है फरदीन खान और सेलिना जेटली स्टारर जानशीन। साल 2003 में इस फिल्म का 20 फीसदी हिस्सा अफगानिस्तान में ही शूट हुआ था। फिल्म की शूटिंग के दौरान तालिबान और अफगानिस्तान के बीच जंग का माहौल था। पर बावजूद इसके फिरोज खान जो फिल्म के डायरेक्टर थे उन्होंने इस फिल्म को वहीं शूट करने का जोखिम उठाया।

काबुल एक्सप्रेस (2006)

2006 में आई फिल्म ‘काबुल एक्सप्रेस’ में जॉन अब्राहम और अरशद वारसी भारतीय पत्रकार की भूमिका में दिखाई दिए थे। फिल्म के डायरेक्टर कबीर खान ने बताया था कि इस फिल्म की शूटिंग के दौरान तालिबान ने पूरी फिल्म की टीम को बम से उड़ाने की धमकी दी थी हालांकि फिल्म की शूटिंग इसके बाद भी जारी रही थी। ये पूरी फिल्म अफगानिस्तान पर बेस्ड थी। फिल्म के अफगानी एक्टर हनीफ को तालिबानियों ने अगवा भी कर लिया था। शूट के दौरान अफगान सरकार ने सुरक्षा के सारे कड़े इंतजामात करवाए थे।

एजेंट विनोद (2012)

इसके अलावा 2012 में आई सैफ अली खान और करीना कपूर स्टारर फिल्म के कुछ हिस्से अफगानिस्तान के रेगिस्तान में फिल्माये गए था।

तोरबाज (2020)

अब बात सबसे लेटेस्ट फिल्म की। साल 2020 में आई फिल्म तोरबाज रिफ्यूजी कैंप में रह रहे बच्चों पर बेस्ड थी जो चाइल्ड सुसाइड बॉम्बर्स बन जाते है। इसमें संजय दत्त और नरगिस फाखरी मुख्य भूमिका में थे। ये पूरी फिल्म अफगानिस्तान में शूट की गई थी।