यह दीवार है दुनिया की दूसरे सबसे ऊंची दीवार, भारत में है मौजूद

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दुनिया के 7 अजूबों में से है ग्रेट वाल ऑफ चाइना। इसके बारे में सबने सुना है। यह दीवार बहुत मजबूत और पुरानी है। आज आपको बतातें हैं द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया के बारे में। भारत के पास भी कुछ ऐसी ही ऐतिहासिक दीवार है।

आज आपको बताने जा रहे हैं राजस्थान में अरावली रेंज की चोटियों के बीच स्थित, कुंभलगढ़ किला के बारे में। यह किला उदयपुर से दो घंटे की दूरी पर है। इसकी लंबाई- 36 किलोमीटर है- जो इसे चीन की महान दीवार के बाद दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार बनाती है।

इस किले का निर्माण 15वीं सदी में हुआ था। इसके बारे में कहा जाता है कि किसी ने भी युद्ध में इस जीतने पर इस किले पर अपने जीत का परचम नहीं लहरा पाया था।

राणा कुंभा ने 15वीं शताब्दी में इसका निर्माण किया था।इस देर को अभेद्य माना जाता आया है। इस दीवार को मुगल बादशाह अकबर भी ध्वस्त नहीं कर पाए थे। यह  किला अब पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है और यहां हर शाम शानदार ढंग से रौशनी की जाती है। यह किला काफी ऊंचाई पर स्थित है और इसमें 500 मीटर की चढ़ाई भी शामिल है।

किले के ऊपर से काफी प्यारे और मनमोहक दृश्य देखने को मिलते है। किले के परिसर में कई मंदिर और प्राचीन मकबरे मौजूद हैं। दीवारें पर हाथ से नक्काशीदार मूर्तियों और चित्रों को बनाया गया है। इसकी चौड़ाई 15 से 25 फीट के बीच है जिसके मुताबिक यहां एक साथ 8 घोड़ों को दौड़ाया जा सकता है।

किले का रोचक इतिहास

कुम्भलगढ़ के इस अभेद्य किले को बनाने में कुल 15 साल का समय लगा था और इसे कई पहाड़ियों को मिलाकर बनाया गया। यह समुद्र तल से कुल 1,914 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसका निर्माण महाराणा कुम्भा द्वारा 15वीं शताब्दी में किया गया था। बताया जाता पृथ्वीराज चौहान ने इसी किले में अपना बचपन बिताया था। हमलों के दौरान पूरे परिवार को इस दुर्ग में छिपया जाता था।