सिद्धार्थ शुक्ला कभी जिम में मोबाइल लेकर नहीं जाते थे, वजह जानकर चौंक जाएंगे

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अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला को गुजरे एक हफ्ता होने को आया है। बीता एक हफ्ता सिद्धार्थ शुक्ला के परिवार के लिए सदियों से भी लंबा गुजरा होगा। शहनाज गिल तो अभी तक खुद को इस गम से उबार नहीं पा रही हैं। सिद्धार्थ के करीबी दोस्तो का कहना है कि सिद्धार्थ के गम में शहनाज ने खाना-पीना तक छोड़ दिया है। हमेशा हंसने-बोलने वाली शहनाज गिल निशब्द हो गई हैं, वो हमेशा रोती रहती हैं।

सिद्धार्थ तो अब चाहकर भी लौटकर नहीं आ सकेंगे। हांलाकि सिद्धार्थ के निधन के बाद उनकी फिटनेस और सेहत को लेकर भी तमाम तरह की रिपोर्ट्स सामने आई थीं। 2 सितंबर को सिद्धार्थ शुक्ला का निधन हार्ट अटैक की वजह से हुआ था। सिद्धार्थ की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने साफ कहा कि सिद्धार्थ के शरीर पर अंदरूनी या बाहरी चोट के निशान नहीं मिले थे। हांलाकि मौत की असल वजह जानने के लिए हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट का इंतज़ार करना होगा।3

इसी बीच सोशल मीडिया पर सिद्धार्थ के निधन की वजह को लेकर तमाम तरह की खबरें चर्चा में छाई हुई हैं। एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि सिद्धार्थ ने अपने डॉक्टर द्वारा दी गए वॉर्निंग सिग्नल को सीरियसली नहीं लिया था, जिसकी कीमत उन्हें अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी। रिपोर्ट में कहा गया है कि सिद्धार्थ को उनके डॉक्टर ने वर्कआउट और कसरत में ढ़ील बरतने के लिए कहा था। डॉक्टर ने उन्हें कम कसरत और वर्कआउट करने सलाह दी थी, जिसे सिद्धार्थ ने ज्यादा सीरियसली नहीं लिया था।

महज़ 40 साल की उम्र में सिद्धार्थ जानलेवा कार्डिएक अरेस्ट के शिकार हो गए। निधन से कुछ घंटो पहले सिद्धार्थ को रात में बेचैनी और सीने में हल्के दर्द की शिकायत हुई थी। जिसके बाद उन्होने आइसक्रीम खाई थी, और मां के हाथों से ठंडा पानी भी पिया था। इसके बाद सिद्धार्थ रात में करीब साढ़े तीन बजे दोबारा सो गए थे। लेकिन फिर सुबह वो उठ नहीं पाए। 40 साल के सिद्धार्थ फिटनेस फ्रीक थे। अपने हेल्थ का वो बहुत ख्याल रखते थे। ऐसे में सिद्धार्थ के अचानक इस दुनिया से चले जाने की बात पर यकीन कर पाना हर किसी के लिए बेहद मुश्किल रहा।

रिपोर्ट्स की माने तो सिद्धार्थ सप्ताह में 6 दिन जिम जाते थे। जहां वो खुद को फिट रखने के लिए करीब 2 घंटे कड़ी मेहनत करते थे। बता दें कि, वर्कआउट के दौरान सिद्धार्थ को वेट ट्रेनिंग करना खासा पसंद था। इसके अलावा उन्हें ट्रेडमिल पर दौड़ना अच्छा लगता था।

इससे उन्हें कैलोरी बर्न करने में काफी मदद मिलती थी। अपनी फिटनेस के साथ- साथ सिद्धार्थ अपने डाइट का भी खासा ध्यान रखते थे। डाइट के प्रति सजगता आप इसी बात से समझ सकते हैं कि जब भी वो जंक फूड का सेवन करते थे, तो वो लिफ्ट की बजाय 12वीं मंजिल तक सीढ़ियों से अपने घर तक जाते थे।

कहा जाता है कि सिद्धार्थ कभी भी जिम में अपना मोबाइल लेकर भी नहीं जाते थे। सिद्धार्थ का मानना था कि, मोबाइल आपका ध्यान भटकाता है और वे वर्कआउट के दौरान अपना पूरा फोकस फिटनेस गोल पर ही देना चाहते थे। लेकिन किसी पता था, कि फिटनेस के प्रति इतना जागरुक होने के बाद भी सिद्धार्थ को अपनी जान सिर्फ 40 साल की उम्र में हार्ट अटैक से गंवानी पड़ेगी। प्रकाशक: e24bollywood