मदद ना मिलने पर पत्नी को कंधे पर लदाकर पति ले जा रहा था अस्पताल, पत्नी ने रास्ते में दम तोड़ दिया

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महाराष्ट्र की नंदूरबार जिले के तलौदा के चांदसावली आदिवासी गांव की रहने वाली सिदलीबाई के पेट में अचानक से तेज दर्द हुआ। गांव के लोगों ने महिला को बड़े अस्पताल ले जाने के लिए कहा। खराब मौसम ओर खराब रास्ते के वजह से एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पा रही थी।

तब पति ने मजबूर होकर बीमार पत्नी को कंधे पर अस्पताल ले गया। लेकिन अफसोस की बात बीमार पत्नी ने रस्ते में ही दम तोड़ दिया ।

यह मामला 9 सितंबर का है। नंदूबार जिले के तलौदा के चांदसवाली आदिवासी गांव की रहने वाली सिदलीबाई के पेट में अचानक हुए दर्द और वहां तक एम्बुलेंस का न पहुंच पाना इससे समझ में आता है की हमारा देश अभी तक किस मुकाम पर है।

अस्पताल गांव से करीब 30 किलोमीटर दूर था। पति को कुछ समझ में नहीं आ रहा था की वे क्या करे, तब गांव वाले ने उसे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। तब इस व्यक्ति ने पत्नी को स्कूटर से ही ले जाने का फैसला लिया । पर कुछ दूर चलते ही सड़क मलवे से जाम हो गई। ऐसे में स्कूटर को आगे ले जाना संभव नहीं था। तब पति ने पत्नी को कंधे पर लादकर अस्पताल जाने का फैसला लिया। पति पत्नी को कंधे पर लादकर कुछ दूर तक ही चल पाया था। उसकी पत्नी दर्द से तड़प रही थी, और फिर इसी बीच पत्नी ने दम तोड़ दिया। हालांकि जब तक लोग मदद करने के लिए पहुंचा तबतक उसकी मौत हो चुकी थी। खराब सड़क की वजह से अस्पताल पुलाहुचने से पहले ही मौत हो गई उस महिला की।

जान सिंह लाख कोशिश के बाद भी अपनी पत्नी को नहीं बचा सका । सिदलिबाई ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। ऐसे में वह शव को सड़क पर रखकर फूट फूट कर रोने लगा। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर वहां मौजूद सभी लोगोंके आंखो में आंसू आ गए।