DSP वीडियो: खुद बनाया, स्‍टेटस पर लगाया, फिर किसने मांगे महिला कांस्टेबल से 10 लाख रुपए?

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डीएसपी और महिला कांस्‍टेबल का अश्‍लील वीडियो सुर्खियों में है, खबर है कि इस मामले में अब चार और अधिकारी सस्‍पेंड किए गए हैं । क्‍या है पूरा केस, आगे पढ़ें ।

New Delhi, Sep 11: राजस्‍थान के आरपीएस अधिकारी हीरालाल सैनी और एक महिला कांस्टेबल के अश्लील वीडियो वायरल होने के मामले में अब पुलिस महानिदेशक एम.एल. लाठर ने शुक्रवार को दो आरपीएस और दो थानाधिकारियों को निलम्बित किया है। आपको बता दें शुक्रवार को ब्‍यावर डीएसपी का एक वीडियो चर्चा में रहा था, जिसमें वो एक महिला कांस्‍टेबल के साथ स्विमिंग पूल में संबंध बनाते दिखाई दिए थे । इन दोनों के साथ में 6 वर्षीय बच्‍चा भी था, जिसके साथ भी ये दोनों अश्‍लीलता कर रहे थे ।

4 और अधिकारी सस्‍पेंड
मामले में जानकारी मिल रही हैं कि राजस्‍थान के डीजीपी एम एल लाठर ने शुक्रवार को 4 और अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, इनमें कुचामन सीओ मोटाराम बेनीवाल, एसीपी झोटवाड़ा हरिशंकर शर्मा तथा चितावा थानाधिकारी प्रकाशचंद मीना व कालवाड़ थानाधिकारी गुरुदत्त सैनी शामिल हैं। वहीं सैनी के खिलाफ पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा में चल रही जांच में इन अधिकारियों की भूमिका की जांच भी होगी।

26 जुलाई को सामने आया था मामला
इस वीडियो कांड की आंच एसपी स्तर पर भी आ सकती है । दरअसल दोनों ही जगहों पर एसपी को इस मामले की जानकारी समय रहते मिल गई थी बावजूद इसके मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, ना ही अअिधिकारियों को ही बताया गया । आपको बता दें यह मामला पहली बार जानकारी में तब आया जब महिला कांस्टेबल ने कालवाड़ थाने में 26 जुलाई को परिवाद दिया। बताया जा रहा है कि परिवाद की जांच थानाधिकारी गुरुदत्त सैनी ने अपने पास रखी थी । मामले में चार दिन बाद ही महिला कांस्टेबल के प्रार्थना-पत्र पर एफआइआर भी दर्ज कर ली गई थी।

10 लाख रुपए मांगे
रिपोर्ट के मुताबिक 26 जुलाई के बाद 3 बार किसी ने इंटरनेट कॉल कर महिला कांस्‍टेबल और डीएसपी का वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी । बचने के लिए दस लाख रुपए भी मांगे थे । इसके कुछ dsp viral video (2)दिन बाद ही 3 अगस्त को महिला कांस्टेबल के पति की ओर से नागौर के चितावा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन इस शिकायत पर थानाधिकारी प्रकाशचंद मीना ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की । वहीं थानाधिकारी व कुचामन सीओ मोटाराम बेनीवाल को वीडियो की भी जानकारी थी । बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई ।

10 जुलाई का है वीडियो
वीडियो वायरल होने के दो दिन बाद ही इस मामले में एसओजी ने शिकायत दर्ज की थी, जिसके बाद हीरालाल सैनी को एसओजी ने गुरुवार को ही पकड़ लिया । मामले की जांच अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिव्या मित्तल हैं, अभी तक की जांच में सामने आया है कि ये वीडियो 10 जुलाई को बनाया गया था । वीडियो बनने की जानकारी दोनों आरोपियों को थी ।