FACT :  आखिर ऊँटो को ज़िंदा साँप क्यों खिलाया जाता है?

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सवाल 1 : क्या आपने कभी जीरो रुपए का नोट देखा है या आपको मालूम है इस नोट का क्या काम होता है ? जवाब: दोस्तों आपको बता दू, 50 रुपए के नोट की तरह दिखने वाला जीरो रुपए का नोट अमेरिका में फिजिक्स के प्रोफेसर सतिंदर मोहन भगत ने फिफ्थ पिलर नाम के एक संस्था के साथ मिल कर सन 2007 में तैयार किया था। इस संस्था का कहना है की भारतीय नागरिक सालाना 4.9 बिलियन डॉलर सिर्फ घूस और रिश्वत में दे देते है। ऐसे में यह जीरो रुपए का नोट इस सिस्टेमेटिक करप्शन को खत्म करने का जरिया है।

सवाल 2 : आखिर किसी भी ऊँचे ईमारत से छलांग लगाने पर बिल्लियों को कुछ भी क्यों नहीं होता है ? जवाब: दोस्तों आपको बता दू, बिल्लिया जितने भी उचाई से गिरे लेकिन फिर भी वह ज़मीन पर खरी हो जाती है। दरअसल ऐसा बिल्लियों के वज़न के कारण हो पाता है। बिल्ली अपने वज़न के मुकाबले बड़े सरफेस पर गिरती है। जिससे फोर्स कम हो जाती है और बिल्ली ज़मीन को छूने के बाद किसी स्प्रिंग की तरह अपने पैरो पर खरी हो जाती है।

सवाल 3 : आखिर ऊँटो को ज़िंदा साँप क्यों खिलाया जाता है? जवाब: दोस्तों, ऊँट को रेगिस्तान का जहाज़ भी कहा जाता है। क्युकी यह सूखे बेगर इलाका में भी कई कई दिन बिना पानी के रह जाते है और यह रेत पर 50-60 km प्रति घंटा के रफ़्तार से दौरने में भी माहिर होता है। लेकिन आपको बता दू, ऊँटो को ज़िंदा सांप इसलिए खिलाया जाता है क्युकी, इनके शरीर में एक खास अलग तरह की बीमारी होती है। जिससे इनका पूरा शरीर आकर जाता है। इस बीमारी से बचाने के लिए ऊँटो को ज़िंदा साँप खिलाया जाता है।

सवाल 4 : आखिर ट्रैन के सीट पर लेटते ही सुकून भरी नींद क्यों आ जाती है ? जवाब: दोस्तों आपको बता दू, ऐसा होने के पीछे भी विज्ञानं है। आपको जानकर हैरानी होगी की इंडियन रेलवे के कोचेस के सस्पेन्सेस की रेसोनेंस फ्रीक्वेंसी को डिज़ाइन करने वक़्त 72 bpm या 1.2 hz के करीब के करीब रखने की कोशिश की जाती है। क्यूकि इतनी ही हमारे शरीर की फंडामेंटल फ्रीक्वेंसी या फिर हार्टबीट रेट होती है। और इसी सिनकुरुनाइज़ेशन की वजह से हमे ट्रैन में यात्री करते समय सुकून की नींद आती है।