15 रुपये दिहाड़ी कमाने वाला मजदूर कैसे बन गया 1600 करोड़ की कंपनी का मालिक?

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जरा सोचिए 400 रुपये महीने की मजदूरी करने वाले किसी ऐसे शख्‍स के बारे में जिसने अपनी मेहनत से 1600 करोड़ का साम्राज्य खड़ा कर दिया हो । सुदीप दत्ता ही वो शख्‍स हैं ।

New Delhi, Sep 13: एस डी एलूमीनियम लिमिटेड, इस कंपनी के संस्थापक सुदीप दत्ता की सफलता की कहानी प्रेरणा दायक है । आपको जानकार हैरानी हो सकती है कि एक जमाने में सुदीप केवल 400 रुपये महीना कमाते थे, और आज वो 1600 करोड़ रुपये के साम्राज्‍य के मालिक हैं । पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के रहने वाले सुदीप 17 साल की उम्र में मुंबई आ गए थे । पिता एक फौजी थे जो 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान शहीद हो गए थे।

इंजीनियर बनने का सपना टूटा
सुदीप दत्‍ता एक इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन उनके पिता की अचानक sudeep guptaमृत्यु की वजह से परिवार की जिम्मेदारियां उनके ऊपर आ गईं । उन्‍हें वापस आना पड़ा। एक दौर ऐसा भी था जब सुदीप रोजाना 40 किलोमीटर पैदल चलकर काम करने जाते थे, और 20 लोगों के साथ एक ही कमरे में रहते थे । उनके बारे में मीडिया रिपोर्ट बताती हैं कि जब उन्‍हें पता चला कि वह जिस पैकेजिंग कंपनी में काम कर रहे हैं, वह एक दिन बंद हो जाएगी, तो उन्होंने एक मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट खरीदने का फैसला किया।

वेदांता ग्रुप की कंपनी खरीद ली
सुदीप ने मिड कैप कंपनी में जल्दी ही पकड़ बना ली, और इसे लार्ज-कैप sudeep guptaकंपनी में बदलने का फैसला किया । सुदीप का मुकाबला इंडिया फॉयल से लेकर जिंदल लिमिटेड जैसी दिग्गज कंपनियों से था । नवंबर 2008 में सुदीप ने वेदांता ग्रुप से इंडिया फॉयल्स खरीदा, यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि सुदीप की कंपनी भारत फॉयल्स के मुकाबले बहुत छोटी थी। धीरे-धीरे, सुदीप की कंपनी एस डी वेदांता जैसे ग्लोबल दिग्गज को पछाड़ने में कामयाब रही, और टॉप पर पहुंच गई ।

16 करोड़ की कंपनी के मालिक
एस डी की तकनीकी रूप से एडवांस पैकेजिंग सॉल्यूशंस की बड़ी रेंज ने sudeep guptaसुदीप को आज 1,685 करोड़ रुपये के साम्राज्य का मालिक बना दिया । हालांकि ये कंपनी अपनी सफलता को भुनाने में विफल रहर और दिवालियेपन का शिकार हो गई । नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की कलकत्ता बेंच ने एक बार कंपनी के खिलाफ कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था।