चश्मदीद ने पलट दिया पूरा मामला, भीड़ लगा रही थी खालिस्तान समर्थन में नारे, लगा जिंदा नहीं बचूंगा

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सुमित जायसवाल ने कहा कि हम लोग जब जा रहे थे, तो भीड़ ने सामने से हमला किया, हथियारों से मारना शुरु कर दिया, लोग तलवार, लाठी, डंडा लेकर हम लोगों की गाड़ी पर वार कर रहे थे।

New Delhi, Oct 06 : लखीमपुर मामले में केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी और उनके बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद अब घटना के चश्मदीद ने नया खुलासा किया है, न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक चश्मदीद सुमित जायसवाल ने बताया कि जिस समय ये घटना हुई, वो एक खतरनाक मंजर था, सही शब्दों में कहें, तो वो मौत का मंजर था, हम डिप्टी सीएम का स्वागत करने जा रहे थे, लेकिन अचानक लोगों ने हमला कर दिया, सुमित ने कहा कि यदि वो मुझे पकड़ लेते तो मैं जिंदा आपके सामने ना होता, मेरी भी हत्या कर दी जाती, वहां पर लोग हाथों में तलवार तथा अन्य हथियार लहराते हुए खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे।

आशीष को तलाश रहे थे
चश्मदीद सुमित जायसवाल ने दावा किया कि हमलावर गाड़ियों में मंत्री जी के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू को तलाश रहे थे, sumit-jaiswal यदि वो गाड़ी में होते तो जिंदा नहीं बच पाते, मैं भी किसी तरह से अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहा, नहीं तो मेरी भी जान ले लेते।

सामने से किया हमला
सुमित जायसवाल ने कहा कि हम लोग जब जा रहे थे, तो भीड़ ने सामने से हमला किया, हथियारों से मारना शुरु कर दिया, लोग तलवार, लाठी, डंडा लेकर हम लोगों की गाड़ी पर वार कर रहे थे, वो हमें जान से मारना चाहते थे, चारों ओर मौजूद भीड़ खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रही थी, इसी दौरान मैं वहां से भाग निकला और अपनी जान बचाई, अब हमने मुकदमा दर्ज करवाया है।

मंत्री और उनके बेटे पर आरोप
वहीं इस घटना के बाद दर्ज किये गये मामले में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा तथा उनके बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू पर सुनियोजित तरीके से साजिश रचने का आरोप लगाया है, ajay mishra इन दोनों के ही साथ एफआईआर में 15 से 20 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है, एफआईआर में हत्या तथा दुर्घटना में मौत की धाराएं भी लगाई गई है, एफआईआर में अजय मिश्रा के वायरल वीडियो का भी जिक्र किया गया है, एफआईआर के मुताबिक जिस दिन थार गाड़ी से किसानों को टक्कर मारी गई, आशीष मिश्रा गाड़ी में बायीं ओर बैठा हुआ था।