पप्पू यादव के साथ कांग्रेस ने कर दिया ‘खेल’, घोषणा के बाद कट गया पत्ता, पढिये Inside Story

0
11

पप्पू यादव ने साफ-साफ कह दिया, कि पहले राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे, फिर वो जो फैसला करेंगे, वो उन्हें मंजूर होगा, बावजूद इसके पप्पू यादव की उम्मीदवारी पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी।

New Delhi, Oct 07 : बिहार विधानसभा उपचुनाव के लिये तारापुर और कुशेश्वर स्थान की दो सीटों पर एक ओर जहां राजद-कांग्रेस आमने सामने है, तो वहीं एकजुट एनडीए के साथ ही लोजपा के चिराग पासवान और पारस गुट ने भी अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है, लेकिन इनके सबके बीच हैरान करने वाली खबर ये है कि कांग्रेस से बातें करने वाले पप्पू यादव ने भी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, सूत्रों के मुताबिक विधानसभा उपचुनाव के लिये पप्पू यादव की उम्मीदवारी कांग्रेस से लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन पप्पू के सामने ये शर्त रखी गई थी, कि वो अपने पार्टी जन अधिकार पार्टी का विलय कांग्रेस में कर लें, पप्पू इसके लिये राजी भी हो गये थे, लेकिन अंतिम समय में मामला फंस गया।

राहुल से मुलाकात के बाद फैसला
सूत्रों का दावा है कि पप्पू यादव ने साफ-साफ कह दिया, कि पहले राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे, फिर वो जो फैसला करेंगे, वो उन्हें मंजूर होगा, बावजूद इसके पप्पू यादव की उम्मीदवारी पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी, सबसे खास बात ये है कि ये तब हुआ जब पप्पू यादव को ऑफर खुद कांग्रेस विधायक दल के नेता अजित शर्मा ने दिया था, सवाल यहीं से उठता है कि आखिर क्यों अंतिम समय में पप्पू यादव को तारापुर से टिकट नहीं मिला, इसके पीछे की कहानी खुद पप्पू यादव ने बताई।

कांग्रेस में गुटबाजी
पप्पू यादव ने कहा कि बिहार कांग्रेस का एक गुट शुरु से ही नहीं चाहता था कि वो कांग्रेस में शामिल हों, इसे लेकर वो गुट काफी पहले से ही अंदर ही अंदर हाईकमान को गलत जानकारी दे रहा था, ऐसे लोगों को डर है कि उनके आ जाने से ऐसे हवा-हवाई नेताओं की पूछ घट जाएगी, सो इस बार भी उन्होने पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन उनके खिलाफ षडयंत्र में सिर्फ कांग्रेस का एक धड़ा ही नहीं शामिल था, जो राजद की बी टीम बनकर कांग्रेस को कमजोर कर रहा है, ऐसे लोगों ने पप्पू के खिलाफ साजिश में पूरी ताकत लगा दी, पप्पू यादव ने कहा कि मेरे खिलाफ बीजेपी का भी एक धड़ा लगा था, जो नहीं चाहता है कि बिहार में कांग्रेस मजबूत हो।

षडयंत्र करते आये हैं
पप्पू यादव ने कहा कि मेरे और मेरी पत्नी पूर्व सांसद रंजीत रंजन के खिलाफ भी बिहार के कुछ कांग्रेसी और राजद के लोग लगातार साजिश करते आये हैं, इसकी तस्वीर भी तब दिखी, जब पिछले लोकसभा चुनाव में सुपौल से टिकट कटवाने के लिये क्या-क्या षडयंत्र किया गया, उनके खिलाफ राजद के एक नेता ने तो खुलकर विरोध भी किया था, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व की वजह से रंजीत रंजन को टिकट मिल गया, हालांकि षडयंत्र कर चुनाव हरा दिया गया। पप्पू यादव ने कहा मेरे विरोधी लाख विरोध कर लें, लेकिन कांग्रेस आलाकमान से मेरे अच्छे संबंध हैं, और मैं जल्द ही राहुल गांधी जी से मुलाकात करुंगा, उनका जो फैसला होगा, वो मुझे मंजूर होगा, लेकिन कांग्रेस को मजबूत करना सबसे जरुरी है, इसके साथ ही नीतीश जी से भी बहुत जल्द मुलाकात करुंगा, क्योंकि नीतीश जी बिहार के विकास के लिये लगातार प्रयासरत हैं।