जिन्होने किसान सिर्फ फिल्मों में देखे, वो भी… कुमार विश्वास का ट्वीट हो रहा वायरल

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कुमार विश्वास ने लिखा है, जो लोग शहरों में रहते हैं, किसानों को जानते तक नहीं, वो किसानों की राजनीतिक समझ को लेकर चैनलों पर ज्ञान दे रहे हैं।

New Delhi, Oct 10 : लखीमपुर में किसानों को गाड़ी से कुचलने के मामले में तमाम विपक्षी पार्टियां योगी सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही है, इसी दबाव के बीच किसान हत्याकांड के मुख्य आरोपित अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को शनिवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया, इस मसले पर टीवी डिबेट में भी खूब बहस देखने को मिली, कुछ लोग किसानों की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाते दिखे, जिसे लेकर कुमार विश्वास ने तंज कसा है।

कुमार ने क्या कहा
अपने ट्विटर हैंडल पर कुमार विश्वास ने लिखा है, जो लोग शहरों में रहते हैं, किसानों को जानते तक नहीं, वो किसानों की राजनीतिक समझ को लेकर चैनलों पर ज्ञान दे रहे हैं, kumar-vishwas (1) उन्होने लिखा, नोएडा-गुड़गांव के अपार्टमेंट में 20वें फ्लोर पर रहने वाले ये ज्ञानी रिसर्चिए जिनके मोबाइल में गांवों में किसानी करने वाले 10 लोगों के नंबर तक नहं हैं, जिन्होने किसान-खेत गांव सिर्फ मुंबईया फिल्मों में देखे हैं, चैनल-चैनल किसानों की राजनीतिक अल्पज्ञता पर तप्सरा कर रहे हैं।

यूजर्स दे रहे जवाब
कुमार विश्वास के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स भी अपनी राय जाहिर कर रहे हैं, अनुज कुमार नाम के एक यूजर ने लिखा, कृषि प्रधान देश में खेती किसानी का महत्व ही जिन्हें नहीं पता, वो किसानों का क्या सम्मान करेंगे, farmer कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ की हड्डी कही जाती है, मित्रों के फायदे के लिये जिसे मोदी सरकार तोड़ना चाहती है, और तथाकथित गोदी मीडिया गुलामी और चाटुकारिता से बाहर ही नहीं निकल पा रही है।

और भी कमेंट
राजेश कुमार नाम के एक यूजर ने लिखा, जब एक चाय बेचने वाला एआईआईएमएस तथा आईआईटी में जाकर इंजीनियरिंग और मेडिकल पर लेक्चर दे सकता है, तो नीति आयोग बिना किसी खेत में गये कृषि के लिये योजना बना सकता है, तो फिर अपार्टमेंट में रहने वाला देश के किसानों की बात क्यों नहीं कर सकता, उसकी थाली का भोजन तो किसान ही उपजाता है। एक यूजर ने लिखा, अरे कवि महोदय, तभी इन्हें देश का किसान देशद्रोही नजर आता है, भले ही किसान भूख, बेकारी और कर्ज से दबकर परिवार समेत आत्महत्या क्यों ना कर ले, अगर सिर्फ एक साल किसानों ने खेती रोक दी, तो हेकड़ी धरी की धरी रह जाएगी, जय हिंद, जय भारत, जय जवान, जय किसान।