मंत्री के घर दूध बेचने वाला 8वीं पास बन गया पार्षद, नहीं पता था कैसे भरते हैं फॉर्म

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मंत्री के घर रोजाना दूध बेचने जाने वाला दूधिया पार्षद बन गया । 8वीं पास  इस शख्स को ये तक नहीं पता था कि कोई फॉर्म कैसे भरा जाता है ।

New Delhi, Oct 13: राजस्‍थान में एक दूधिया की किस्‍मत खुल गई । वह पिछले कई सालों से रोजाना घर-घर जाकर दूध बेचने का काम करता था । इन्‍हीं घरों में से एक घर राजस्थान के मंत्री का भी था। पिछले कई सालों से मंत्री जी के घर दूध पहुंचाने वाले इस दूधिया पर उनका ऐसा विश्‍वास हुआ कि उसे टिकट देकर चुनाव में ही खडा करवा दिया । सबसे खास बात ये कि वो शख्‍स जे फॉर्म भरना भी नहीं जानता था वो अब चुनाव जीत गया है वो भी बिना किसी विरोध के, यानी कि निर्विरोध।

चुनाव से पहले ही मिली जीत
राजस्थान के अलवर जिले की जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 20, 23 और 26 अक्टूबर को चुनाव होने है, लेकिन इससे पहले ही यहां एक दूधिया जगदीश जाटव निर्विरोध चुन लिया गया है। जी हां, वार्ड नंबर 20 से निर्विरोध जीतने वाले जगदीश ने बताया कि वह केवल आठवीं तक पढ़ा लिखा है और उसे तो ये भी पता नहीं था कि चुनाव के लिए फार्म कैसे भरा जाता है। लेकिन उसके मन में लोगों की सेवा करने का भाव और इच्छाशक्ति की कोई कमी नहीं है।

मंत्री जी का धन्‍यवाद
जगदीश के मुताबिक साल 2015 में वह तूलेड़ा ग्राम पंचायत से उप सरपंच रहकर लोगों की सेवा करने का काम कर चुका है । उसने कहा कि लोगों की सेवा के प्रति यही समर्पण देखकरही कांग्रेस पार्टी ने उसे चुनाव में खड़ा किया है । इसका पूरा श्रेय वो राजस्थान सरकार के श्रम मंत्री टीकाराम जूली को देते हैं। है। जगदीश ने बताया कि, जब वह दूध बांटने के लिए जाता था तो लोग उसे सामाजिक समस्याओं के बारे में बताते थे । क्‍योंकि वो मंत्री के घर भी दूध देने जाता था इसलिए वो ये सारी जनसमस्‍याएं मंत्रीजी को बता देता था और लोगों के काम होने लगते।

15 से 20 हजार रुपए है मासिक आमदनी
जगदीश जाटव एक गरीब परिवार से आते हैं, दूध बांटकर ही उनका और उनके परिवार का गुजारा चलता है । उनकी महीनेभर की आमदनी 15 से 20 हजार रुपये तक ही है । जगदीश ने बताया कि जब उसके पास निर्विरोध चुनाव का फोन आया तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वार्ड नंबर 20 में 60 से 70 हजार मतदाता है, ऐसे में सभी से इतना विश्‍वास और प्‍यार मिलना उसके लिए बहुत बड़ी बता है । अब उसकी प्राथमिकता रहेगी कि वह आमजन की सड़क, पानी और बिजली संबंधी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाए, ताकि उनका समाधान हो सके। जगदीश की 6 साल की बेटी खुशी और दो साल का बेटा महावीर है। उसकी पत्नी बबीता भी महिला कांग्रेस से जुड़ी हुई है।