पिता अखबार वाला, मां आंगनबाड़ी में करती है काम, बेटी पहले ही प्रयास में बनी IAS, ट्यूशन पढाकर रचा इतिहास

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शिवजीत भारती सैनी ने जीवन के कड़े संघर्ष के बाद आईएएस अधिकारी बनकर जो मुकाम हासिल किया, उससे उनके माता-पिता और सारे प्रदेश का नाम रोशन हो गया।

New Delhi, Oct 13 : कठिन परिश्रम और रणनीति से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है, हरियाणा की बेटी शिवजीत भारती सैनी ने जीवन के कड़े संघर्ष के बाद आईएएस अधिकारी बनकर जो मुकाम हासिल किया, उससे उनके माता-पिता और सारे प्रदेश का नाम रोशन हो गया, भारती एक मामूली अखबार बेचने वाले गुरनाम सैनी की बेटी हैं, लेकिन फिर भी उन्होने सभी प्रतियोगियों को कड़ी टक्कर दी, हरियाणा में सिविल सेवा परीक्षा में कुल 48 परीक्षार्थी कामयाब रहे, जिसमें भारती का भी एक नाम है।

पिता बांटते हैं अखबार, मां आंगनबाड़ी में नौकरी
शिवजीत भारती का पूरा परिवार हरियाणा के जैसिंहपुरा गांव में रहते हैं, वहां पर उनके पिता रोजाना सुबह सभी के घरों में अखबार बांटने का काम करते हैं, तथा उनकी मां शारदा सैनी आंगनबाड़ी में काम करती हैं, जाहिर है कि ऐसी परिस्थितियों में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, फिर भी भारती ने यूपीएससी की परीक्षा में सफल होकर कामयाबी के नये आयाम रचे।

बिना कोचिंग घर पर पढाई
जैसा कि हमने बताया कि भारती के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, ऐसे में उनके पास पैसे नहीं थे, वो कोई अच्छी कोचिंग ज्वाइन करके इस परीक्षा की तैयारी कर पाती, फिर भी उन्होने अपने आत्मविश्वास को डगमगाने नहीं दिया, तथा खुद को विश्वास दिलाया, कि सेल्फ स्टडी करके ही परीक्षा देंगी, उसमें सफल होकर रहेंगी, फिर उन्होने अपने घर पर ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारियां शुरु की, उनकी मेहनत रंग लाई, पहले ही प्रयास में उन्होने सफलता हासिल की।

शादी के लिये दबाव
एक इंटरव्यू में उन्होने बताया कि जब उनकी पढाई पूरी हो गई, तो उनके माता-पिता चाहते थे, कि वो जल्द से जल्द शादी कर लें, उनके आस-पड़ोस तथा रिश्तेदारों द्वारा भी उनके लिये रिश्ते आने शुरु हो गये, लेकिन उन्होने सभी से कहा कि जब तक मैं कुछ बन नहीं जाती, तब तक शादी नहीं करूंगी। भारती ने बताया कि तैयारी के लिये किताबें और बाकी खर्चों के लिये वो घर पर ही बच्चों को ट्यूशन पढाना शुरु किया, फिर उससे जो पैसे मिलते, उससे अपना खर्च करती, ताकि मां-बाप पर बोझ ना बन सके।