पहले 3 सरकारी नौकरी ठुकराई फिर सनी देओल के फिल्म देखकर बने IAS, आज पूरा देश कर रहा है सैल्यूट

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दोस्तों जीवन मै हार कोई कामयाबी हासिल करना चाहता है, पर यें भी जीवन का कड़ा सत्य है की इतनी आसानी से इंसान को वो सब हासिल नहीं होता है जो उसको चाहिए. जीवन मै बड़े लक्ष हासिल करने के लिए मेहनत भी ज़्यादा करनी पड़ती है.

ऐसे ही मेहनत और लगन की एक कहानी आज हम आपको चुकाना सुनाने जा रहे हैं यह है राजस्थान जयपुर के छोटे से गांव श्यामपुरा में रहने वाले मनोज रावत जो कि एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखते हैं,

मनोज रावत ने महज 19 साल की उम्र में पुलिस कांस्टेबल की नौकरी हासिल कर ली थी इसके बाद उन्होंने वर्ष 2013 में इस नौकरी को छोड़ने का फैसला किया, सरकारी नौकरी मिलने के बाद छोड़ना आसान नहीं होता है.

ऐसे में मनोज को सही है गलत ठहराया और उनको ऐसा करने की हिदायत दी थी पर मनोज अपने फैसले पर अटल थे, उसके बाद मनोज ने सरकारी स्कूल से अपनी प्राइवेट शिक्षक वैकेंसी 2007 में राजस्थान यूनिवर्सिटी के b.a. पास या और यहां भी उनकी नौकरी पुलिस में लग गए पर उनका लक्ष्य तो कुछ और ही था,

पुलिस में नौकरी के दौरान ही मनोज में राजनीति शास्त्र में एमए किया और इसके बाद उन्होंने इस नौकरी को भी अलविदा कह दिया, मनोज ने इसके बाद अदालत मैं क्लर्क की नौकरी कर ले मनोज नेगी नौकरी भी छोड़ दी क्योंकि उनकी नजर अपने किसी और सपने की औरत थी अपने उस सपने को पूरा करने के लिए साल 2017 में upsc civil service examination 2017 मे इंडिया में 824 रैंकिंग हासिल की इसके बाद आईपीएस अधिकारी बन गए मनोज अनुसूचित जाति से आरक्षण की वजह से 400 से नीचे वाले रंग को यह उपलब्धि प्राप्त नहीं होती थी.

मनोज की यह कहानी जितनी दिलचस्प है इसके पीछे जो वजह भी बहुत ख़ास है, बचपन में हीं सनी देयोल की फिल्म ‘इंडियन’ (Indian) से प्रेरणा लेकर एक IPS अधिकारी बनने को ठानी और अपने मिशन में कामयाब भी हुए। मनोज रावत ने बताया कि, उनका इंटरव्यू करीबन 35 मिनट तक चला था। जिसमे इनके सामने देश-विदेश के समसामयिक ज्वलंत मुद्दों को रखा गया। इनमें भारत-चीन संबंधित प्रश्न, विदेश सेवा से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए थे तथा लगातार 35 मिनट तक एक के बाद एक प्रश्न पूछे गए।