पिता थे कूक, साइकिल का पंचर भी बनाया, जानिए रमेश यादव कैसे बन गए रेमो डिसूजा

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अपने सपनों को पूरा करने के लिए जीवन में बहुत सारे कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कहते है न रात के बाद दिन जरूर होता है, कुछ ऐसी ही कहानी कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा (Choreographer Remo D’Souza) की है। वह अपने जीवन में आने वाली सभी कठिनाइयों का सामना कर दुनियां के सामने एक बेहतरीन कोरियोग्राफर के रूप में उभरे हैं।

रमेश यादव बने रेमो डिसूजा

रेमो डिसूजा (Remo D’Souza) का असली नाम रमेश यादव (Ramesh Yadav) है। कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) में 2 अप्रैल 1972 को उनका जन्म हुआ था। रेमो के पिताजी एयर फोर्स (Air force) में कुक की नौकरी करते थे जिससे उनके परिवार का खर्चा पानी चलता था।

सपने को पूरा करने के लिए पढ़ाई बीच में ही छोड़ना पड़ा

अपने परिवार की मदद के लिए वह साइकिल रिपेयर, राशन की दुकान और बेकरी में काम किया करते थे। उन्हें बचपन से ही डांस का शौक था। रेमो अपनी पढ़ाई के लिए गुजरात (Gujarat) के जामनगर (Jamnagar) चले गए और वहां अपनी पढ़ाई करने लगे। लेकिन अपने सपनों को साकार करने के लिए उन्हें बीच में ही पढ़ाई छोड़ कर मुंबई (Mumbai) जाना पड़ा।

सपनों को साकार करने का मौका मिला

बचपन से ही रेमो को डांस का बहुत शौक था। उन्हें मुंबई जाकर अपने शौक को पूरा करने का मौका भी मिला। रेमो डिसूजा मुम्बई जाने के बाद रमेश से रेमो बन गए। शुरुआती दिनों में रेमो को कई रात बिना खाए स्टेशन पर गुजारना पड़ा था। पैसे की इतनी कमी थी कि कभी-कभी बिना खाए-पिए दिन रात गुजारना पड़ता था। इसी बीच उनकी मुलाकात भी लिजेल (Leegel) से हुई और दोनों ने शादी कर ली।

मुश्किल घड़ी में पत्नी ने साथ दिया

रेमो शादी के बाद भी अपनी रातें स्टेशन पर ही गुजारते थे। लेकिन इन मुश्किल की घड़ी में उनकी पत्नी ने उनका पूरा साथ दिया। धीरे-धीरे रेमो बड़े-बड़े सितारों के इशारों पर नाचना शुरू कर दिया और देखते ही देखते एक बड़े कोरियोग्राफर के रूप में मशहूर हो गए।

डांस करने का मौका मिला

अपने स्ट्रगल के दिनों में रेमो ने एक डांस कंपटीशन में हिस्सा लिया और डांस कंपटीशन का विजेता भी बन गए। फिर उन्हें डांस करने का मौका फिल्म “रंगीला” में मिला जिसमें उन्होंने अपने बेहतरीन डांस से लोगों के दिलों में अपनी जगह बनायी। फिर आगे उन्हें सोनू निगम की पहली एल्बम “दीवाना” को कोरियोग्राफ करने का मौका दिया गया।

धीरे-धीरे मिलने लगी कामियाबी

धीरे-धीरे उन्हें कामियाबी मिलने लगी और आगे फिल्म “कांटे” में आइटम नंबर “इश्क समंदर” से रेमो को बहुत बड़ी उपलब्धि मिली एवं उनकी किस्मत रंग लायी। दीपिका और रणवीर की फिल्म “बाजीराव मस्तानी” के गाने “दीवानी मस्तानी” के लिए रेमो को नेशनल अवार्ड ऑफ कोरियोग्राफ से नवाजा गया। रेमो अपनी बेहतरीन डांस से लाखों करोड़ों दिलों की चहेते बन गए हैं।

फिल्म “ABCD” को निर्देशित किया।

रेमो सिर्फ कोरियोग्राफर ही नहीं बल्कि हिंदी सिनेमा के निर्देशक भी बन चुके हैं। डांस पर आधारित 2013 की फिल्म “ABCD” को रेमो ने निर्देश किया है एवं “ABCD-2” फिल्म का सीक्वल डायरेक्ट भी कर चुके हैं। जिसे 2015 में रिलीज किया गया था। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस में भी काफी सुपरहिट होकर धमाल मचाया था। इस फिल्म में बेहतरीन कलाकार श्रद्धा कपूर, वरुण धवन एवं प्रभु देवा ने काम किया था।

2020 में दिल का दौरा पड़ा

रेमो को 2020 में दिल का दौरा पड़ा था जिससे उनके चाहने वाले बेहद डर गए थे। कई दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद रेमो मौत से लड़कर वापस आए थे। इस नाजुक पल में उनकी पत्नी लिजेल ने साया बनकर उनका साथ दिया। रेमो एवं लिजेल डिसूजा के 2 बच्चे ध्रुव डिसूजा (Dhruv D’Souza) और गैब्रियल डिसूजा (Gabriel D’Souza) है।

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59 करोड़ की है प्रॉपर्टी

अपनी जिंदगी में इतने स्ट्रगल करने के बाद रेमो आज करोड़ों के मालिक बन गए है। एक मीडिया रिपोर्टर के अनुसार रेमो के पास 59 करोड़ की प्रॉपर्टी है। रेमो आज के युग में उन तमाम लोगों के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं जो लोग किसी हुनर के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।