करीना के पापा को चाहिए भाई राजीव कपूर की जायदाद, मुंबई हाईकोर्ट ने कहा – पहले तलाक के पेपर लाओ

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बॉलीवुड इंडस्ट्री में कपूर खानदान का रुतबा सालों पुराना है, और आज भी इस परिवार की शौहरत और दौलत दोनों में ही बस इजाफा ही हो रहा है। हालांकि यह साल कपूर खानदान के लिए काफी दुखद रहा है, इस परिवार ने एक ही साल में अपने दो चरागों को बुझते हुए देखा है। पिछले साल 30 अप्रैल को जहां एक तरफ ऋषि कपूर इस दुनिया को छोड़ के चले गए तो वहीं इस साल फरवरी में राजीव कपूर ने भी आखरी सांसे ली। गौरतलब है कि ऋषि कपूर, रणधीर कपूर, राजीव कपूर और रीमा जैन यह चारों भाई बहन थे जिसमें से अब रीमा जैन और रणधीर कपूर ही बचे हैं। 

हाल ही में इन दोनों ने मुम्बई हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर कर दावा पेश किया है कि वे ही भाई राजीव कपूर की संपत्ति के असली वारिस हैं। इसी मामले पर सुनवाई करते हुए मुम्बई हाईकोर्ट ने इन दोनों को राजीव कपूर के तलाक के पेपर लाने को कहा है। 

जस्टिस गौतम पटेल की बैंच ने रणधीर कपूर और रिमा जैन की इस प्रॉपर्टी और क्रेडिट के लिए दायर पिटीशन पर सुनवाई की है। इन दोनों के द्वारा जो पिटीशन कोर्ट में दाखिल की गई है। उसमें यह लिखा है कि राजीव कपूर ने साल 2001 में आरती सबरवाल से शादी की थी। हालांकि फिर बाद में 2003 में दोनों का तलाक हो गया था। हाईकोर्ट में रणधीर कपूर और रिमा जैन का पक्ष रखते हुए उनके वकील शरण जगतियानी ने बताया कि उनके पास आरती सबरवाल और राजीव कपूर के तलाक के पेपर उनके पास नहीं है। और उन्हें यह भी नहीं पता कि किस फैमिली कोर्ट ने राजीव और आरती के तलाक के आदेश जारी किए। 

 रणधीर कपूर और रिमा जैन के वकील रिमा जैन के वकील शरण जगतियानी ने हाईकोर्ट में कहा, ‘राजीव कपूर की वसीहत के दोनों भाई और बहन ही प्रॉपर्टी के असली हकदार हैं। फिलहाल हमारे पास उनके डाइवोर्स के कागज नहीं हैं। हमने इन्हें ढूंढने की कोशिश भी की मगर यह हमें मिल नहीं रहे हैं। इसलिए उनकी कोर्ट से गुजारिश है कि तलाक के कागज पेश करने से उन्हें छूट दी जाए। हमे यह भी नहीं पता है कि तलाक का आदेश दिल्ली या मुंबई की कोर्ट ने जारी किया है।’ रणधीर और रीमा जैन के वकील की बात सुनकर जस्टिस गौतम ने कहा है कि कोर्ट तलाक के आदेश के कागज पेश न करने की छूट देने के लिए तैयार है लेकिन पहले स्वीकृति पत्र दिया जाए।