जब मस्जिद का काजी बना बॉलीवुड का महान एक्टर, अमिताभ बच्चन से लेकर दिलीप कुमार तक नहीं तोड़ पाए उनका रिकॉर्ड

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अगर आप भी बॉलीवुड फिल्मों के शौकीन है तो आपने डायलॉग “मूंछें हो तो नत्थुलाल जैसी हो” जरूर सुना होगा। ये डायलॉग साल 1984 में आई अमिताभ बच्चन की सुपरहिट फिल्म शराबी का है। फिल्म के साथ साथ ये डायलॉग इतना हिट हुआ था की आज भी ये डायलॉग लोगों की जुबान पर है। ये डायलॉग अमिताभ बच्चन नत्थूलाल यानी अभिनेता मुकरी के लिए बोलते है।

अगर आप मुकरी के बारे में नहीं जानते तो आज हम आपको उनके बारे में बताते है। मुकरी उस ज़माने के एक ऐसे अभिनेता थे जिन्हें फिल्म में देखकर खुद ब खुद चेहरे पर हंसी आ जाती थी। उनका पूरा नाम मोहम्मद उमर मुकरी था और वो मुसलमान थे। अपने छोटे कद को लेकर अक्सर लोगों के चहरे पर मुस्कान लाने वाले मुकरी आज हमारे बीच में नहीं है। 4 सितंबर 2000 को उनका निधन हो गया था।

शराबी के अलावा उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया और अपनी जबरदात कॉमिक टाइमिंग के जरिए लोगों को खूब हंसाया। एक बार उनकी बेटी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि मुकरी अपने धर्म के बहुत पक्के थे और उन्हें घर में फिल्में देखने की इजाजत भी नहीं थी, लेकिन उनके पिता मुकरी उन्हें शूटिंग देखने ले जाया करते थे।

फिल्मों में आने से पहले वो मस्जिद में काजी हुआ करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने बॉलीवुड का रुख किया। मुकरी के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड है जो आज तक अमिताभ बच्चन और स्वर्गीय दिलीप कुमार भी नहीं तोड़ पाए है। जी हां आपने बता दें कि मुकरी ने 600 फिल्मों में काम किया और उन्होंने 50 सालों तक बॉलीवुड में अपने अभिनय का जलवा दिखाया जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उनके द्वारा निभाए गए किरदार अमर रहे। चाहे वो शराबी के नत्थूलाल हो या फिर अमर अकबर एंथनी के तय्यब अली। उन्होंने अपने हर किरदार में जान डाली और आखिरकार 4 सितंबर 2000 को एक सदाबहार अभिनेता का अंत हुआ।