1 फ़रवरी को बजट में रेलवे से जुड़े होंगे ये बड़े ऐलान, बदल जाएगा पूरा सफर करने का अंदाज

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 फरवरी को निर्मला सीतारमण संसद में आम बजट पेश करने जा रही हैं। पहले रेल बजट अलग से रेल मंत्री द्वारा और आम बजट वित्तमंत्री द्वारा पेश किया जाता था परंतु साल 2017 से दोनों बजट का एकीकरण कर एक आम बजट वित्तमंत्री द्वारा ही पेश किया जाता है। वित्त मंत्री ने बयान दिया है कि इस साल का बजट पिछले सौ साल के बजट से अलग होगा। इस बयान के बाद रेल यात्रियों की उम्मीदें इस बजट से बहुत बढ़ गई हैं। कोरोना काल में रेलगाड़ियों का आवागमन पूरी तरह से बंद था। इस दौरान भारतीय रेलवे ने अपनी आधारिक संरचना का रखरखाव और रेलट्रैक के विस्तारिकरण पर सराहनीय काम किया है।

लॉकडाउन के दौरान जिस परियोजना पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है वह है “बुलेट ट्रेन परियोजना”। इस परियोजना का शुभारंभ सितंबर 2017 को जापान के राष्ट्रपति शिंजो आबे की भारत यात्रा के दौरान हुआ था। इस रेल परियोजना का पहला चरण जो कि मुंबई से अहमदाबाद तक का है उसे साल 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
आशाएँ लगाई जा रही है कि आगामी बजट में सरकार इस परियोजना पर आगे की रणनीति पेश कर सकती है।

हाई स्पीड रेलवे प्रोजेक्ट्स के संबंध में भी आने वाला बजट से आयास लगाई जा रही है। इसमें रेल के इनफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सरकार कई घोषणाएँ कर सकती है। करीब 8000 किलोमीटर के हाई स्पीड नेटवर्क प्रस्तावित हैं, जिसमें नये बुलेट ट्रेन कॉरीडोर्स भी शामिल हैं।

इसके अलावा यात्री रेल यात्रा के किराये के कम होने को लेकर भी आयास लगाए बैठे हैं। रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण को लेकर भी बजट में आवंटित राशि होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अभी तक मात्र नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर 6500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त साबरमती, सूरत, चंड़ीगढ़, आनंद विहार, अमृतसर, कानपुर और ग्वालियर का पुनर्विकास किया जाना है। ये रेलवे को काफी बड़े लेवल पर बदलने वाला है.